सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी, अपराधियों की पोस्ट को लाइक-शेयर करने वाले रडार पर
चंडीगढ़, 13 जनवरी। हरियाणा में संगठित अपराध, गैंग संस्कृति और हथियारों की हिंसक छवि को बढ़ावा देने वाले डिजिटल कंटेंट के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और साइबर यूनिट की संयुक्त जांच के बाद यूट्यूब, स्पॉटिफाई, अमेज़न म्यूज़िक, गाना और जियोसावन जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स से 67 आपत्तिजनक गीतों को हटवाया या ब्लॉक करवाया गया है।
जांच में सामने आया कि ऐसे गाने युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित करते हैं, गैंगस्टरों की चमक-दमक को महिमामंडित करते हैं और अपराध को एक आकर्षक जीवनशैली के रूप में प्रस्तुत करते हैं। हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आगे भी ऐसे कंटेंट पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
डीजीपी अजय सिंघल: अपराध रोकना ही नहीं, युवाओं को बचाना भी लक्ष्य
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक अजय सिंघल ने इस कार्रवाई को समाज और विशेष रूप से युवाओं के हित में उठाया गया अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध पर नियंत्रण नहीं, बल्कि युवाओं को अपराध की राह पर जाने से रोकना भी है।
डीजीपी ने कहा कि अपराध को बढ़ावा देने वाले गाने अपराधियों को आदर्श के रूप में पेश करते हैं और उनकी ज़िंदगी को ऐशो-आराम से भरा दिखाते हैं, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। अपराधियों का जीवन अंततः कठिनाइयों, भय और कानूनी कार्रवाई से घिरा होता है, जिसका दुष्प्रभाव उनके परिवारों को भी झेलना पड़ता है।
उन्होंने कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे सामाजिक ज़िम्मेदारी समझें और ऐसा कोई कंटेंट न बनाएं जो युवा पीढ़ी को गुमराह करे।
एसटीएफ की सख़्त चेतावनी: हिंसा और गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं
एसटीएफ आईजी सतीश बालन ने बताया कि डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने कलाकारों और गीतकारों के साथ संवाद भी शुरू किया है। उन्हें हिंसा, हथियारों और गैंगस्टर संस्कृति के महिमामंडन से बचने की सख़्त सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों की पोस्ट को लाइक, शेयर या प्रमोट करने वालों पर भी एसटीएफ और साइबर यूनिट की पैनी नजर है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर गैंगस्टर युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करते हैं और उन्हें अपराध की दुनिया में झोंक देते हैं। पुलिस का प्रयास है कि समय रहते युवाओं को इस दलदल से बचाया जाए।
आतंकी–गैंगस्टर गठजोड़ पर भी लगातार प्रहार
डिजिटल मोर्चे के साथ-साथ हरियाणा एसटीएफ ने आतंकी–गैंगस्टर गठजोड़ को तोड़ने में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
2 मार्च 2025 को एसटीएफ हरियाणा और एटीएस गुजरात के संयुक्त ऑपरेशन में अब्दुल रहमान उर्फ अबू बकर से दो हैंड ग्रेनेड बरामद कर अयोध्या में राम मंदिर पर संभावित हमले की साजिश नाकाम की गई।
13 जून 2025 को करनाल में दो युवकों से एक जीवित हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ, जिसकी जांच में अमेरिका स्थित गैंगस्टर भानु राणा की संलिप्तता सामने आई।
25 नवंबर 2025 को सिरसा महिला थाना पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद वित्तीय और विदेशी नेटवर्क की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
करनाल में अमर सिंह की गिरफ्तारी और उसके कब्जे से ग्लॉक पिस्टल, दो हैंड ग्रेनेड और एक आईईडी की बरामदगी ने नेटवर्क की गंभीरता उजागर की।
दोहरी रणनीति से मजबूत हो रही हरियाणा की आंतरिक सुरक्षा
हरियाणा एसटीएफ की यह दोहरी रणनीति—डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपराध संस्कृति पर रोक और ज़मीनी स्तर पर आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क का सफाया—राज्य की आंतरिक सुरक्षा को नई मजबूती दे रही है।
67 गानों पर कार्रवाई और आतंकी मॉड्यूल्स के खिलाफ लगातार सफल अभियानों से यह स्पष्ट है कि हरियाणा पुलिस तकनीकी, सामाजिक और सुरक्षा—तीनों मोर्चों पर पूरी तरह सजग और निर्णायक भूमिका निभा रही है।













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