चंडीगढ़: चंडीगढ़ में बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर ट्रैफिक चालान भुगतान व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने की मांग उठी है। फर्जी एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश और नकली लिंक के जरिए ट्रैफिक चालान के नाम पर हो रही ठगी से आम नागरिकों को बचाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस को अहम सुझाव दिए गए हैं।
सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन, चंडीगढ़ के अध्यक्ष आर.के. गर्ग ने पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, चंडीगढ़ पुलिस को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि ट्रैफिक चालान के सत्यापन और भुगतान की सुविधा को चंडीगढ़ पुलिस के आधिकारिक ‘संपर्क ऐप’ में शामिल किया जाए। वर्तमान में यह ऐप पानी, बिजली और संपत्ति कर के भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराता है।
पत्र में कहा गया है कि बड़ी संख्या में नागरिक फर्जी ट्रैफिक चालान संदेशों के झांसे में आकर अपुष्ट लिंक पर क्लिक कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ निजी जानकारी के दुरुपयोग का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में एक प्रमाणित सरकारी प्लेटफॉर्म के जरिए चालान भुगतान की सुविधा साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा सकती है।
आर.के. गर्ग ने सुझाव दिया कि संपर्क ऐप में एक समर्पित भुगतान स्लॉट बनाया जाए, जहां नागरिक अपने ट्रैफिक चालान की स्थिति जांचने और सुरक्षित रूप से भुगतान कर सकें। इससे न केवल साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी, बल्कि डिजिटल प्रशासन में जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
इसके साथ ही उन्होंने कुछ अतिरिक्त सुझाव भी दिए, जिनमें नागरिकों के लिए सार्वजनिक परामर्श जारी करना, फर्जी लिंकों को लेकर जागरूकता संदेश चलाना और यह स्पष्ट करना शामिल है कि चंडीगढ़ पुलिस कभी भी एसएमएस या सोशल मीडिया के माध्यम से चालान भुगतान के लिए लिंक नहीं भेजती। साथ ही, लोगों को यह भी आगाह करने की बात कही गई कि चालान से जुड़े किसी भी संदेश के जवाब में ओटीपी, बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
एसोसिएशन का मानना है कि इन उपायों से न सिर्फ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि जुर्माने की वसूली प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।











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