एमएचओ शाखा में पूरे सिस्टम में बदलाव की जरूरत
चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम का प्रशासनिक सिस्टम गंभीर सवालों के घेरे में है। दो कमिश्नर और दो जॉइंट कमिश्नर होने के बावजूद निगम के हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं। खासतौर पर मेडिकल हेल्थ ऑफिसर (MHO) विंग की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं, जहां पूरे सिस्टम में बदलाव की मांग तेज हो गई है।
करोड़ों की मशीन, महीनों तक बंद
मखन माजरा में स्थापित जानवरों के अंतिम संस्कार के लिए लगाया गया इन्सिनरेशन प्लांट (भस्मीकरण संयंत्र) निगम की लापरवाही और घटिया गुणवत्ता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई यह मशीन 109 दिनों की अवधि में 36 दिनों तक खराब रही, जिस कारण इतने दिनों तक जानवरों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
उद्घाटन के 7 दिन बाद ही शुरू हो गई खराबी
नगर निगम रिकॉर्ड के अनुसार मशीन को 12 सितंबर 2025 को इंस्टॉल किया गया था, लेकिन महज 7 दिन बाद, 19 सितंबर 2025 को इसमें पहली तकनीकी खराबी सामने आ गई। इसके बाद तो मशीन लगातार फॉल्ट करती रही।

कब-कब खराब हुई मशीन
19 सितंबर 2025: एफडी फैन नॉट वर्किंग
26–27 सितंबर 2025: लो गैस प्रेशर
8 अक्टूबर 2025: लो हाइड्रोलिक प्रेशर
13–16 अक्टूबर 2025: हाई साउंड वाइब्रेशन
29 अक्टूबर 2025: ब्रेकडाउन
7–8 नवंबर 2025: दोबारा ब्रेकडाउन
16 नवंबर–4 दिसंबर 2025: साइक्लोन सेपरेटर/कलेक्टर की दिक्कत (3 बार)
6–10 दिसंबर 2025: ब्रोकन विंड लीड फैन
11–13 दिसंबर 2025: लो हाइड्रोलिक प्रेशर
27–28 दिसंबर 2025: ब्रोकन एफडी फैन बेल्ट
4 जनवरी 2026: मशीन फिर बंद, 3 दिन में ठीक
इन आंकड़ों से साफ है कि मशीन लगभग हर कुछ दिनों में खराब होती रही, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा होता है।
कंपनी पर क्यों नहीं हुआ एक्शन?
हैरानी की बात यह है कि मशीन पर गारंटी होने के बावजूद और बार-बार खराबी आने के बावजूद नगर निगम ने इसे लगाने वाली कंपनी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी महंगी मशीन में लगातार तकनीकी खामियां आना घटिया क्वालिटी की ओर इशारा करता है।
हाउस मीटिंग में उठेगा मामला
कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता ने इस पूरे मामले को निगम की बड़ी लापरवाही बताया है। “करोड़ों रुपये की मशीन चंद दिनों में खराब हो जाए, यह बेहद गंभीर मामला है। बार-बार फॉल्ट के बावजूद कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है। आगामी निगम हाउस मीटिंग में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।”
— तरुणा मेहता, पार्षद, कांग्रेस

चीफ सेक्रेटरी ने गौशालाओं और एबीसी सेंटर का किया निरीक्षण
चंडीगढ़: चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने रायपुर कलां स्थित गौशाला, औद्योगिक क्षेत्र की दो गौशालाओं, इन्सिनरेटर और रायपुर कलां स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशुओं की देखभाल, साफ-सफाई, चारे, पानी, पशु चिकित्सा सेवाओं और कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
चीफ सेक्रेटरी ने अधिकारियों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फिलहाल चंडीगढ़ की गौशालाओं में करीब 1000 गायें रखी गई हैं और उनके लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन्सिनरेटर को लेकर उन्होंने स्वीकार किया कि तकनीकी खराबी के कारण यह कुछ दिनों से बंद था, जिसे जल्द दुरुस्त कर दोबारा चालू किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान गृह सचिव मंडीप सिंह बराड़, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, पशुपालन सचिव एवं विशेष आयुक्त प्रदीप कुमार सहित प्रशासन और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एक ओर प्रशासन निरीक्षण और व्यवस्थाओं की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों की मशीन का बार-बार खराब होना नगर निगम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि निगम सिर्फ आश्वासन देता है या वास्तव में जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करता है।











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