April 5, 2026 1:37 pm

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पत्रकारिता से जर्मनी तक का सफर: हिसार के एक कमरे से DW News तक पहुंची कहानी

पत्रकारिता से भाषा शिक्षा तक, और फिर जर्मनी तक

हिसार के एक कमरे से शुरू हुआ सफर, DW News ने की अंतरराष्ट्रीय पहचान

हिसार। कभी पत्रकारिता के जरिए समाज की आवाज उठाने वाले राजेश कुंडू का नाम आज युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम बन चुका है। पत्रकारिता को विराम देकर जर्मन लैंग्वेज की क्लासेज शुरू करने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन यही निर्णय आज एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक सफर की पहचान बन गया है। करीब दो साल पहले हिसार में एक छोटे से कमरे में शुरू हुआ यह प्रयास अब भारत की सीमाओं को पार कर जर्मनी तक पहुंच चुका है।

डंकी रूट के दौर में वैध विकल्प की पहल
उस समय देश में एक अलग ही माहौल था। बड़ी संख्या में युवा बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका और अन्य देशों के लिए डंकी रूट जैसे खतरनाक और अवैध रास्तों का सहारा ले रहे थे। लाखों रुपये खर्च हो रहे थे, जान का जोखिम था और भविष्य अनिश्चित। ऐसे समय में यह सोच सामने आई कि क्यों न युवाओं को एक सुरक्षित, वैध और सम्मानजनक रास्ता दिखाया जाए।
यहीं से जर्मन भाषा सिखाने की पहल की शुरुआत हुई। उद्देश्य साफ था—युवाओं को केवल भाषा नहीं, बल्कि जर्मनी जैसे विकसित देश में पढ़ाई, काम और स्थायी भविष्य का कानूनी मार्ग देना। धीरे-धीरे यह छोटा सा क्लासरूम युवाओं के सपनों का केंद्र बन गया।

एक कमरे से सैकड़ों छात्रों तक
राजेश कुंडु पर शुरुआत में संसाधन सीमित थे, क्लासरूम छोटा था और चुनौतियां बड़ी। लेकिन मेहनत, ईमानदारी और सही मार्गदर्शन ने रंग दिखाया। जर्मन भाषा के साथ-साथ जर्मनी की संस्कृति, वीज़ा प्रक्रिया, एजुकेशन सिस्टम और जॉब मार्केट की सही जानकारी दी जाने लगी। इसका नतीजा यह हुआ कि कई छात्रों ने वैध तरीके से जर्मनी में पढ़ाई और काम के अवसर हासिल किए।

आज यह पहल केवल एक कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बन चुकी है, जो युवाओं को गलत रास्तों से बचाकर सही दिशा में आगे बढ़ा रही है।
राष्ट्रीय पहचान: इंडियन एक्सप्रेस के फ्रंट पेज पर कहानी
इस अनूठे सफर को हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली, जब देश के प्रतिष्ठित अखबार इंडियन एक्सप्रेस के ऑल इंडिया एडिशन में इसे फ्रंट पेज पर Page One Anchor के रूप में प्रकाशित किया गया। यह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि उस सोच की जीत भी थी, जो सुरक्षित और वैध इमीग्रेशन को बढ़ावा देती है।

 

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंची कहानी: DW News की खास रिपोर्ट
अब इस सफर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दस्तक दे दी है। जर्मनी का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म Deutsche Welle (DW News) खुद इस पूरी कहानी को कवर करने के लिए पहुंचा है। DW ने इस पहल को एक ऐसे मॉडल के रूप में देखा, जो भारत के युवाओं के लिए जर्मनी के दरवाजे खोल रहा है।
यह कवरेज ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुई है, जब जर्मन चांसलर भारत दौरे पर हैं और भारत-जर्मनी के बीच इमीग्रेशन, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। ऐसे में DW की यह रिपोर्ट और भी प्रासंगिक हो जाती है।

समाज के लिए संदेश
यह कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भी है। यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, ईमानदार प्रयास और दूरदृष्टि से न केवल अपना करियर बदला जा सकता है, बल्कि सैकड़ों युवाओं का भविष्य भी संवारा जा सकता है।
हिसार के एक कमरे से शुरू हुआ यह सफर आज जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक पहुंच चुका है और आने वाले समय में यह पहल और भी युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरेगी।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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