September 22, 2026 11:56 pm

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HIMACHAL: फायर एनओसी के नाम पर नहीं रुकेगा होटल/होम-स्टे का नवीनीकरण, सीएम ने दिए प्रोविजनल पंजीकरण के निर्देश

मुख्यमंत्री ने होम-स्टे पंजीकरण पोर्टल का किया शुभारंभ

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में होम-स्टे पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाते हुए होम-स्टे पोर्टल (http://homestay.hp.gov.in) का शुभारंभ किया। अब इच्छुक लोग घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से होम-स्टे का पंजीकरण करा सकेंगे। पोर्टल को उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फायर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के नाम पर होटल या होम-स्टे के नवीनीकरण को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि फायर एनओसी की प्रक्रिया लंबित होने की स्थिति में भी संबंधित इकाइयों को प्रोविजनल पंजीकरण प्रदान किया जाए, ताकि उनका व्यवसाय निर्बाध रूप से चलता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑब्जेक्शन के नाम पर होटल कारोबारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को हरसंभव प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए ‘पर्यटन से स्वरोजगार’ के उद्देश्य से होम-स्टे योजना शुरू की गई है। इसका लक्ष्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटकों को अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना के तहत अधिकतम छह कमरों तक का होम-स्टे पंजीकृत किया जा सकता है। होम-स्टे संचालन से जहां पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं मकान मालिकों को घर बैठे अच्छी आय भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यंजनों की पेशकश से होम-स्टे मालिकों की कमाई और बढ़ेगी, क्योंकि पर्यटक स्थानीय स्वाद और घरेलू माहौल को खासा पसंद करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बने पारंपरिक शैली के घर विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने होम-स्टे योजना के तहत ब्याज अनुदान योजना भी शुरू की है। इसके अंतर्गत शहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में क्रमशः 3%, 4% और 5% की दर से ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान टर्म लोन पर पर्यटन इकाइयों की स्थापना, विस्तार या उन्नयन के लिए उपलब्ध होगा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, प्रधान सचिव देवेश कुमार और पर्यटन विभाग के निदेशक विवेक भाटिया शिमला में उपस्थित रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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