चंडीगढ़, 23 फरवरी। गुलाब चंद कटारिया ने होशियारपुर स्थित पंजाब विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरानन्द विश्वबन्धु संस्कृत एवं भारत भारती अनुशीलन संस्थान का दौरा किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनू विग भी उनके साथ मौजूद रहीं।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित आचार्य के ग्रंथ का विमोचन
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और प्रो. रेनू विग ने विभागाध्यक्ष प्रो. सुधांशु कुमार षड़ंगी तथा कार्यक्रम अधिकारी प्रो. ऋतु बाला की उपस्थिति में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित आचार्य इंद्रदत्त उनियाल के अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण किया।
इस ग्रंथ का प्रमुख संपादन प्रो. ऋतु बाला तथा सह-संपादन नीरज कुमार द्वारा किया गया है। कार्यक्रम के दौरान विद्वानों ने आचार्य उनियाल के शैक्षणिक योगदान और संस्कृत अध्ययन में उनकी विशिष्ट भूमिका पर प्रकाश डाला।
संग्रहालय और पुस्तकालय का अवलोकन
राज्यपाल और कुलपति ने संस्थान परिसर में स्थित पंजाब सरकार के संग्रहालय और पुस्तकालय का अवलोकन किया। इसके पश्चात उन्होंने संस्थान में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों का निरीक्षण किया और उनके संरक्षण की प्रक्रिया की जानकारी ली।
छात्रों से संवाद, ज्ञान धरोहर संरक्षण पर जोर
पांडुलिपियों के अवलोकन के बाद राज्यपाल ने विद्यार्थियों से विशेष संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की अमूल्य धरोहर है और ऐसी संस्थाएँ इसके संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान की इस विरासत को सुरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में नीरज कुमार, सहायक प्रोफेसर डॉ. तेजप्रकाश, श्री रितेश, सहायक प्रोफेसर तथा संजीव सहित अन्य संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।











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