April 5, 2026 10:37 pm

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कार्यकुशलता में वृद्धि, लागत में कमी और सेवा गुणवत्ता सुधार पर एचईआरसी का जोर

पानीपत में जनसुनवाई, सस्ती बिजली खरीद के लिए सटीक मांग आकलन पर बल
पंचकूला/पानीपत, 24 फरवरी 2026।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष  नन्द लाल शर्मा ने कहा कि बिजली क्षेत्र में कार्यकुशलता बढ़ाना, लागत कम करना और सेवा गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार लाना समय की प्रमुख आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली की मांग का सटीक पूर्वानुमान लगाकर सस्ती दरों पर बिजली की खरीद सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और किफायती सेवाएं मिल सकें।
वे मंगलवार को पानीपत स्थित स्काईलार्क के बहुउद्देश्यीय हॉल में आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे थे। यह सुनवाई उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आयोग में दायर याचिका के संदर्भ में आयोजित की गई।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री मुकेश गर्ग एवं श्री शिव कुमार, सचिव प्रशांत देष्टा तथा यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों और विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें आयोग ने विधिवत दर्ज किया।

ऊर्जा के नए विकल्पों पर विशेष जोर
अध्यक्ष  शर्मा ने कहा कि सौर ऊर्जा सहित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को व्यापक स्तर पर विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की बढ़ती जरूरत पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान में इसकी लागत अधिक है, लेकिन भविष्य में यह किफायती समाधान बन सकती है।
उन्होंने न्यूक्लियर और हाइड्रोजन ऊर्जा की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में ये ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकते हैं। साथ ही, भविष्य में उपभोक्ताओं को सेवा प्रदाता बदलने का विकल्प मिलने की संभावना भी जताई, जिससे प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के अनुरूप विद्युत क्षेत्र में भी संरचनात्मक बदलाव अपेक्षित हैं।
उपभोक्ता सुझाव होंगे टैरिफ ऑर्डर का आधार
अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत अधिनियम, 2003 के अनुसार उपभोक्ताओं की राय आयोग के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त फीडबैक आगामी टैरिफ ऑर्डर में अवश्य परिलक्षित होगा।
सदस्य श्री मुकेश गर्ग ने कहा कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा। सदस्य श्री शिव कुमार ने भी उपभोक्ताओं की लिखित आपत्तियों और सुझावों को प्राथमिकता देने की बात कही।
हरियाणा में 83 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता
यूएचबीवीएन के अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा में कुल 83,79,739 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 38,67,120 उपभोक्ता यूएचबीवीएन तथा 45,12,619 उपभोक्ता दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के अंतर्गत आते हैं।
यूएचबीवीएन की वितरण हानि 9.33 प्रतिशत है। औसत आपूर्ति लागत (एवरेज कॉस्ट ऑफ सप्लाई) प्रति यूनिट 8.09 रुपये है, जबकि प्रति यूनिट 7.10 रुपये की वसूली हो रही है।
पानीपत, पंचकूला और करनाल में अब तक 4,87,000 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हरियाणा में प्रति व्यक्ति वार्षिक बिजली खपत लगभग 2200 यूनिट है, जो राष्ट्रीय औसत 1460 यूनिट से काफी अधिक है।

आयोग की पृष्ठभूमि
आयोग की स्थापना 16 अगस्त 1998 को हुई थी और 17 अगस्त 1998 से इसका कार्य प्रारंभ हुआ। पहला टैरिफ ऑर्डर 22 दिसंबर 2000 को जारी किया गया था। परंपरा के अनुसार प्रत्येक वित्त वर्ष से पूर्व नया टैरिफ ऑर्डर जारी किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष  नन्द लाल शर्मा सोमवार शाम को ही पानीपत पहुंच गए थे और उन्होंने हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल) के प्लांट का निरीक्षण भी किया।
यह जनसुनवाई केवल टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नियामक और उपभोक्ताओं के बीच पारदर्शी संवाद का सशक्त मंच साबित हुई, जो जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

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Author: BabuGiri Hindi

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