विकास, इंजीनियरिंग और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम
रमेश गोयत, सीनियर पत्रकार, चंडीगढ़
पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) के गुजरात टूर के अंतर्गत मुझे देश की सबसे महत्वाकांक्षी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक Sardar Sarovar Dam का अवलोकन करने का अवसर मिला। नर्मदा नदी पर निर्मित यह भव्य बाँध आधुनिक भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है।
नर्मदा तट पर विकास की विराट गाथा
Narmada River पर स्थित यह बाँध विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के बीच बनाया गया है। बाँध की ऊँचाई, विस्तृत जलाशय और अत्याधुनिक तकनीक को करीब से देखने का अनुभव अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
बाँध का नाम स्वतंत्र भारत के लौहपुरुष Sardar Vallabhbhai Patel की स्मृति में रखा गया है। यह परियोजना वर्षों की योजना, संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पूर्णता
परियोजना का निर्माण 1987 में शुरू हुआ और विभिन्न कानूनी एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के बावजूद इसे वर्ष 2017 में राष्ट्र को समर्पित किया गया।
17 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा इसका लोकार्पण किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने हमें बताया कि परियोजना की पूर्णता से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को व्यापक लाभ मिला है।

तकनीकी विशेषताएँ – एक इंजीनियरिंग चमत्कार
अधिकतम ऊँचाई: 163 मीटर
मुख्य बाँध की लंबाई: 1210 मीटर
कुल स्थापित विद्युत क्षमता: 1450 मेगावाट
जलाशय की लंबाई: लगभग 214 किलोमीटर
30 विशाल रेडियल गेट्स
बाँध परिसर में स्थित रिवर बेड और कैनाल हेड पावर हाउस आधुनिक तकनीक से संचालित होते हैं। वहाँ मौजूद इंजीनियरों ने बताया कि यहाँ से उत्पादित बिजली चार राज्यों में वितरित की जाती है।
सिंचाई और पेयजल – करोड़ों लोगों की जीवनरेखा
इस परियोजना से—
लगभग 18 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई
9000 से अधिक गाँवों और सैकड़ों शहरों को पेयजल
राजस्थान के सीमावर्ती शुष्क क्षेत्रों को विशेष लाभ
गुजरात के कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात जैसे क्षेत्रों में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
पुनर्वास और सामाजिक प्रभाव
परियोजना से प्रभावित गाँवों और परिवारों के पुनर्वास के लिए विस्तृत नीति लागू की गई। अधिकारियों के अनुसार हजारों परिवारों को वैकल्पिक भूमि, आवास और सुविधाएँ प्रदान की गईं।
यह पहल विकास और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करती है।

पर्यटन और राष्ट्रीय गौरव
बाँध के समीप विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा Statue of Unity स्थित है, जो सरदार पटेल को समर्पित है। यह क्षेत्र अब “एकता नगर” के रूप में विकसित हो चुका है और देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहाँ पहुँचते हैं।
पीआईबी टूर के दौरान हमें बाँध के व्यू प्वाइंट से जलाशय और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने का अवसर मिला, जो वास्तव में अविस्मरणीय रहा।
मेरा अनुभव
एक पत्रकार के रूप में मैंने कई विकास परियोजनाओं का अवलोकन किया है, लेकिन सरदार सरोवर बाँध की भव्यता और उसके बहुआयामी प्रभाव को प्रत्यक्ष देखना अत्यंत प्रेरक अनुभव रहा।
यह परियोजना केवल एक बाँध नहीं, बल्कि—
किसानों की समृद्धि,
ग्रामीण जल सुरक्षा,
औद्योगिक विकास,
और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
पीआईबी गुजरात टूर ने मुझे यह समझने का अवसर दिया कि किस प्रकार दीर्घकालिक योजना, राजनीतिक इच्छाशक्ति और तकनीकी दक्षता मिलकर राष्ट्र निर्माण की गाथा लिखते हैं।
(लेखक: रमेश गोयत, सीनियर पत्रकार, चंडीगढ़)













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