देश की सबसे बड़ी एकता स्मारक परियोजना से रूबरू हुए मीडिया प्रतिनिधि
रमेश गोयत
चंडीगढ़/नर्मदा (गुजरात)।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा आयोजित विशेष मीडिया टूर के अंतर्गत विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी का विस्तृत भ्रमण किया।
इस दौरे का उद्देश्य देश की प्रमुख विकास परियोजनाओं, पर्यटन स्थलों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की प्रामाणिक जानकारी मीडिया के माध्यम से जनसामान्य तक पहुंचाना रहा। मीडिया प्रतिनिधियों ने स्मारक की संरचना, ऐतिहासिक महत्व, पर्यटन प्रबंधन और स्थानीय विकास पर इसके प्रभाव को निकट से समझा।

सरदार पटेल को समर्पित 182 मीटर ऊंची विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा
स्टैचू ऑफ यूनिटी भारत के लौहपुरुष और देश की एकता के शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है।
प्रतिमा की ऊंचाई: 182 मीटर
स्थान: नर्मदा नदी के तट पर, गुजरात
उद्घाटन: 31 अक्टूबर 2018
उद्घाटनकर्ता: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
182 मीटर की ऊंचाई गुजरात विधानसभा की 182 सीटों का प्रतीक है। यह प्रतिमा आधुनिक इंजीनियरिंग और स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।
आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि यह प्रतिमा तेज हवा और भूकंप जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों को सहन करने में सक्षम है।
6.5 तीव्रता के भूकंप को सहन करने की क्षमता
60 मीटर/सेकंड तक की हवा का सामना करने की क्षमता

कांस्य क्लैडिंग से निर्मित बाहरी संरचना
प्रतिमा के भीतर उच्च गति वाली लिफ्टें स्थापित हैं, जो पर्यटकों को लगभग 135 मीटर की ऊंचाई पर स्थित व्यूइंग गैलरी तक ले जाती हैं। यहां से नर्मदा नदी, सरदार सरोवर बांध और आसपास की पर्वतमालाओं का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।
प्रदर्शनी हॉल, संग्रहालय और व्यूइंग गैलरी बने प्रमुख आकर्षण
मीडिया दल ने परिसर में स्थित विभिन्न आकर्षण केंद्रों का निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं:
अत्याधुनिक संग्रहालय एवं प्रदर्शनी हॉल, जहां सरदार पटेल के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम और देशी रियासतों के एकीकरण से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित है।
व्यूइंग गैलरी, जहां से प्राकृतिक सौंदर्य का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
वैली ऑफ फ्लावर्स, जो रंग-बिरंगे फूलों और हरियाली से सुसज्जित एक विस्तृत उद्यान है।
ऑडियो-विजुअल गैलरी और लेजर शो, जो प्रतिमा के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बड़ा प्रोत्साहन
अधिकारियों के अनुसार, स्टैचू ऑफ यूनिटी देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन चुका है। प्रतिदिन हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे:
स्थानीय होटल, होम-स्टे और परिवहन सेवाओं को बढ़ावा मिला है
आदिवासी हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री में वृद्धि हुई है
क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं
यह परियोजना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है।

मीडिया टूर का उद्देश्य: विकास की सटीक जानकारी जनसामान्य तक
पीआईबी द्वारा आयोजित इस मीडिया टूर के माध्यम से पत्रकारों को विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इससे वे तथ्यों और आंकड़ों के साथ राष्ट्रीय परियोजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचा सकेंगे।
मीडिया प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पारदर्शिता, जनजागरूकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।
राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रतीक
स्टैचू ऑफ यूनिटी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारत की अखंडता, एकता और संकल्प शक्ति का प्रतीक है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक गाथा से अवगत कराता रहेगा।












Total Users : 292063
Total views : 494640