April 5, 2026 6:23 pm

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HARYANA: जीवन नगर में भव्य होला मोहल्ला समारोह: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया संत समाज का आशीर्वाद,

नामधारी पंथ की त्याग-बलिदान की परंपरा को किया नमन

रमेश गोयत

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने रविवार को सिरसा जिले के नामधारी गुरुद्वारा श्री जीवन नगर में आयोजित भव्य होला मोहल्ला समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त किया और देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुंची नामधारी संगत को संबोधित करते हुए इस पावन आयोजन को साहस, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान संतों के चरणों में नमन करते हुए समाज में प्रेम, सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र आश्रम में आयोजित होला मोहल्ला जैसे गौरवशाली पर्व में शामिल होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और प्रसन्नता की बात है। उन्होंने संत दिलीप सिंह जी महाराज को नमन करते हुए कहा कि संत समाज हमेशा से समाज को जोड़ने और लोगों के जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को स्थापित करने का कार्य करता रहा है। संतों की शिक्षाएं समाज में शांति, प्रेम और मानवता का संदेश फैलाने का माध्यम बनती हैं।
सिरसा की धरती संतों और महापुरुषों की तपोभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा की पावन भूमि सदियों से संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1507 में प्रथम पातशाही Guru Nanak Dev के चरण इसी धरती पर पड़े थे, जिसके बाद यहां उनकी स्मृति में गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब की स्थापना की गई। यह स्थान आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस धरती ने बाबा सरसाईं नाथ और बाबा भूमण शाह जैसे अनेक संतों को जन्म दिया, जिन्होंने समाज को सेवा, आध्यात्मिकता और मानवता का मार्ग दिखाया। इन संतों की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
होला मोहल्ला साहस और भक्ति का अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि होला मोहल्ला केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, वीरता और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें जीवन में साहस और भक्ति दोनों को संतुलित रखने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि यह उत्सव केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने के संकल्प और पुरुषार्थ का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि दशमेश पिता Guru Gobind Singh ने होली के उत्साह के साथ खालसा परंपराओं को मजबूत करने और समाज में एकता व भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होला मोहल्ला मनाने की परंपरा शुरू की थी। तभी से यह पर्व सिख परंपरा में वीरता, अनुशासन और आध्यात्मिकता के संगम के रूप में मनाया जाता है।
नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान से भरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नामधारी समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि यह समाज त्याग, तपस्या और बलिदान की प्रेरणादायक परंपरा का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि सतगुरु Ram Singh द्वारा शुरू किया गया कूका आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश ब्रिटिश शासन की गुलामी में जकड़ा हुआ था, उस समय नामधारी समाज ने स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का संदेश देकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने उन वीर नामधारी शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने मलेरकोटला में तोपों के सामने खड़े होकर हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन सत्य और स्वाभिमान के मार्ग से कभी पीछे नहीं हटे।
देश-विदेश से श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष आयोजित होला मोहल्ला समारोह में देश और विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का जुटना इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक भौतिकवादी युग में भी लोगों की आस्था अपनी आध्यात्मिक जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को सकारात्मक दिशा देती हैं और लोगों को सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करती हैं।
‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति पर काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा नामधारी पंथ के ‘सरबत दा भला’ और मानव सेवा के सिद्धांतों से मेल खाती है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार महापुरुषों की शिक्षाओं को समाज तक पहुंचाने के लिए उनकी जयंती और स्मृति दिवस राज्य स्तर पर मनाती है। इसके लिए ‘संत-महापुरुष सम्मान विचार प्रचार एवं प्रसार योजना’ चलाई जा रही है, जिसके माध्यम से समाज में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
समाज सुधार और कृषि क्षेत्र में नामधारी समाज का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नामधारी समाज ने आध्यात्मिक क्षेत्र के साथ-साथ समाज सुधार, गौ-सेवा, नशामुक्ति अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर उन्हें खेल, संगीत और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
उन्होंने यह भी कहा कि नामधारी पंथ ने खेती-किसानी और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी का परिणाम है कि हरियाणा आज देश में अन्न और दूध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

समाज के हर धार्मिक और सामाजिक प्रयास में सरकार साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार समाज के हर धार्मिक और सामाजिक प्रयास में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। चाहे बुनियादी ढांचे का विकास हो या जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, सरकार पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने संत समाज से आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि हम सभी मिलकर एक ऐसे विकसित हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्य करें, जहां हर नागरिक खुशहाल, सुरक्षित और आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित जीवन जी सके।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद Ram Chandra Jangra, पूर्व सांसद Sunita Duggal, सरदार जसपाल सिंह, सरदार सुखदेव सिंह, पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज, जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह, जगदीश चोपड़ा, देव कुमार शर्मा, शीशपाल कंबोज, अमीरचंद मेहता, निताशा सिहाग सहित संत समाज के प्रतिनिधि, नामधारी संगत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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