चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में आयोजित भव्य समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक Gulab Chand Kataria ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उनकी पत्नी श्रीमती अनीता कटारिया भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ द्वारा “बैलेंस द स्केल्स” थीम के अंतर्गत किया गया।
समारोह में प्रशासक के सलाहकार परिषद की सामाजिक कल्याण समिति के अध्यक्ष Satya Pal Jain विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि सचिव, सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री अनुराधा एस. चगती भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।

महिलाओं के योगदान से समाज और राष्ट्र की प्रगति संभव : प्रशासक
सभा को संबोधित करते हुए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं और समाज, राष्ट्र निर्माण तथा पारिवारिक जीवन में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान प्रदान करना समाज की समग्र प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की मजबूत आधारशिला हैं और एक विकसित भारत के निर्माण में उनकी समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
कटारिया ने कहा कि आज भारतीय महिलाएं विज्ञान, राजनीति, खेल, शिक्षा और सामाजिक नेतृत्व सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
27 महिलाओं को मिला ‘वूमेन अचीवर अवॉर्ड’
इस अवसर पर चंडीगढ़ की 27 महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘वूमेन अचीवर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
प्रशासक ने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां अन्य महिलाओं और युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं की सफलता यह साबित करती है कि अगर अवसर और समर्थन मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
सम्मानित महिलाओं में सामाजिक सेवा, शिक्षा, खेल, प्रशासन, स्वास्थ्य और नवाचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं शामिल थीं।

प्रमुख सम्मानित महिलाओं के नाम
संगीता जैन – सामाजिक प्रभाव और सामुदायिक सेवा
प्राजक्ता एन. अव्हाड – सामाजिक प्रभाव और सामुदायिक सेवा
डॉ. सोनिका कृष्ण – सामाजिक प्रभाव और सामुदायिक सेवा
अनामिका वालिया – सामाजिक कार्य
सुनीता – लेडी हेल्थ विजिटर
पूनम – अंतरराष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी
सुहानी शर्मा – इंजीनियरिंग छात्रा (इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी)
बुलबुल धींगरा – खेल
कमल सिसोदिया – नेतृत्व एवं प्रशासन
पूनम अग्रवाल – प्रोफेसर, गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-50
कुलजीत कौर – शिक्षक, ब्लाइंड स्कूल
विजयता शर्मा – कंसल्टेंट, उद्योग विभाग
गौरी उपाध्या – बीसीसी कोऑर्डिनेटर, स्वास्थ्य विभाग
इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षकों और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
“प्रेरणा 2.0” पुस्तिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने “प्रेरणा 2.0” नामक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में चंडीगढ़ की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को शामिल किया गया है।
यह प्रकाशन सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में महिलाओं की शक्ति, साहस और योगदान को उजागर करना तथा नई पीढ़ी को प्रेरित करना है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना
प्रशासक ने लैंगिक समानता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वास्तविक विकास तभी संभव है जब महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर, सम्मान और गरिमा मिले।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और पहलों की सराहना की।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि ऐसा वातावरण बनाया जाए जहां हर महिला स्वयं को सुरक्षित, सशक्त और अपने सपनों को साकार करने के लिए आत्मविश्वासी महसूस करे।
चंडीगढ़ में महिलाओं के लिए चल रही अनेक योजनाएं
कार्यक्रम में निदेशक सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री पालिका अरोड़ा ने बताया कि विभाग चंडीगढ़ में महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू कर रहा है।
इनमें प्रमुख रूप से विधवाओं और निराश्रित महिलाओं के लिए पेंशन योजना, शगुन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की योजनाएं जैसे:
मिशन शक्ति
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
भी प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को संस्थागत सहायता देने के लिए वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, सखी निवास और महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से भी सहायता प्रदान की जा रही है।
इसके साथ ही मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण तथा बाल देखभाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
समारोह का उद्देश्य समाज में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारी और शहर की महिलाएं उपस्थित रहीं।










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