चंडीगढ़ में ‘अर्बन इनोवेशन समिट’ में नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और शहरी योजनाकारों ने किया मंथन
• स्मार्ट पार्किंग, डिजिटल गवर्नेंस और टिकाऊ अवसंरचना पर चर्चा
चंडीगढ़। Gulab Chand Kataria ने कहा कि भविष्य के शहरों के निर्माण में नागरिक-केंद्रित शहरी नियोजन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल इमारतें और सड़कें बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा संतुलित, टिकाऊ और समावेशी वातावरण तैयार करना होना चाहिए, जिसमें नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों।
वे शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित अर्बन इनोवेशन समिट को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन Municipal Corporation Chandigarh और Elets Technomedia द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें देशभर से 150 से अधिक प्रतिनिधियों और 30 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने भाग लिया।
सुनियोजित शहर ही बनते हैं रहने योग्य
अपने संबोधन में कटारिया ने कहा कि यदि शहरों की योजना सोच-समझकर बनाई जाए तो वे केवल रहने की जगह नहीं रहते, बल्कि जीवंत, समावेशी और आधुनिक जीवनशैली के केंद्र बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शहरों में नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, हरित क्षेत्र और सामुदायिक सुविधाओं तक आसान पहुंच मिलती है, जिससे उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है।
उन्होंने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा, आधुनिक तकनीक का उपयोग और टिकाऊ नीतियां भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण की आधारशिला हैं। यदि शहरी विकास में पर्यावरणीय संतुलन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए तो शहर आर्थिक अवसरों के साथ-साथ बेहतर जीवनशैली भी प्रदान कर सकते हैं।
नवाचार और सहयोग की जरूरत
कटारिया ने कहा कि शहरी शासन में नवाचार, तकनीकी समाधान और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस तरह के सम्मेलन नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और शहरी योजनाकारों को एक साझा मंच देते हैं, जहां वे अनुभव और विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य के शहरों को स्मार्ट तकनीक, बेहतर परिवहन प्रणाली, पर्यावरण-अनुकूल विकास और नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार करना होगा।
नागरिकों की खुशी और सुविधा हो प्राथमिकता
प्रशासक ने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिक शहरों का विकास केवल भौतिक ढांचे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों की खुशहाली, सामाजिक जीवन और सामुदायिक सहभागिता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर सार्वजनिक स्थान, पार्क, सामुदायिक केंद्र और सुरक्षित शहरी डिजाइन सामाजिक मेलजोल को बढ़ाते हैं और शहरों को अधिक जीवंत बनाते हैं। इससे शहर न केवल अपने निवासियों के लिए बेहतर बनते हैं बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित होते हैं।
शहर आर्थिक विकास के इंजन: आयुक्त
इस अवसर पर चंडीगढ़ नगर निगम के आयुक्त Amit Kumar ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के समय में शहर आर्थिक विकास और नवाचार के प्रमुख इंजन बन चुके हैं।
उन्होंने बताया कि भारत की शहरी आबादी लगातार बढ़ रही है और वर्ष 2030 तक यह संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में शहरों का योगदान लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।
अमित कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ नगर निगम प्रशासनिक सेवाओं में डिजिटल तकनीकों को तेजी से शामिल कर रहा है। शहर में स्मार्ट पार्किंग प्रणाली के पहले चरण को लागू किया जा चुका है और दूसरे चरण को जल्द शुरू करने की तैयारी है, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
विकसित भारत के लिए स्मार्ट शहर जरूरी
कार्यक्रम में चंडीगढ़ के महापौर Saurabh Joshi ने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शहरों को स्मार्ट, हरित और समावेशी बनाना होगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सहभागिता को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने सरकार, उद्योग और नागरिकों के बीच सहयोग को टिकाऊ शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की कुंजी बताया।
विभिन्न विषयों पर हुई गहन चर्चा
सम्मेलन के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, टिकाऊ अवसंरचना, जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता सेवाओं में नवाचार जैसे विषयों पर कई पैनल चर्चाएं और नीति संवाद आयोजित किए गए।
सरकारी विभागों, शिक्षा जगत और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने डेटा आधारित प्रशासन, लचीले बुनियादी ढांचे और टिकाऊ शहरी विकास मॉडल पर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा प्रस्तुत एक नुक्कड़ नाटक से हुई, जिसमें नागरिक जागरूकता और जनभागीदारी के महत्व को दर्शाया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन समारोह और राष्ट्रगान के साथ सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन हुआ।
भविष्य के शहरों के लिए साझा प्रतिबद्धता
सम्मेलन के समापन पर नीति निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने स्मार्ट, लचीले और नागरिक-हितैषी शहरों के निर्माण के लिए नवाचार, तकनीक और टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि शहरी विकास में नागरिकों की जरूरतों को केंद्र में रखा जाए और आधुनिक तकनीकों का सही उपयोग किया जाए, तो भारत के शहर आने वाले वर्षों में विश्व-स्तरीय और भविष्य के लिए तैयार बन सकते हैं।











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