चंडीगढ़। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को हुए चुनाव के बाद मतगणना में हो रही देरी ने सियासी हलकों में सस्पेंस बढ़ा दिया है। मतदान शाम 4 बजे तक पूरा हो गया था और शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होनी थी, लेकिन कई वोटों पर उठे विवाद और आपत्तियों के कारण देर रात तक काउंटिंग शुरू नहीं हो सकी। इस बीच कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि चुनाव की निष्पक्षता में हस्तक्षेप करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वैध रूप से डाले गए वोटों को अयोग्य घोषित करना स्वीकार्य नहीं है और इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
आयोग से मुलाकात के लिए समय मांगा
अपने पत्र में खड़गे ने लिखा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए नतीजों की घोषणा से पहले पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहता है। यह प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ वकील और कांग्रेस उम्मीदवार Abhishek Manu Singhvi के नेतृत्व में जाएगा। उन्होंने आयोग से जल्द समय देने का अनुरोध किया है।
तीन वोटों पर विवाद, काउंटिंग अटकी
राज्यसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने से पहले ही तीन वोटों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा की ओर से कैबिनेट मंत्री Krishan Bedi ने आरोप लगाया कि विधायक परमवीर सिंह और भरत सिंह बेनीवाल के वोट की गोपनीयता भंग हुई है, जिस पर चुनाव अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई गई है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री Anil Vij के वोट को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज आपत्तियों के कारण चुनाव आयोग की मंजूरी मिलने तक मतगणना शुरू नहीं हो सकी है।
हुड्डा ने जताई जीत की उम्मीद
इस बीच नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda ने विधानसभा सचिवालय से बाहर निकलते हुए कहा कि अभी मतगणना शुरू नहीं हुई है और इसमें समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि तीन वोटों पर उठी आपत्तियों पर चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद ही काउंटिंग शुरू होगी। हालांकि उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार की जीत का दावा दोहराया।
कांग्रेस विधायक Ashok Arora ने भी कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों की तरफ से आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं और उनका निपटारा होने के बाद ही मतगणना शुरू होगी।
88 विधायकों ने किया मतदान
इस चुनाव में कुल 90 में से 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सुबह सबसे पहले अपना वोट डाला।
वहीं Indian National Lok Dal (इनेलो) के दो विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष Abhay Singh Chautala ने कहा कि पार्टी ने जनता की आवाज को देखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने भाजपा पर जाति और धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि क्रॉस वोटिंग लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
सियासी हलकों में बढ़ा तनाव
राज्यसभा चुनाव के नतीजों में देरी और वोटों पर उठे विवाद के कारण हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सभी दलों की नजर अब चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी है, जिसके बाद ही मतगणना शुरू होने और नतीजे सामने आने की उम्मीद है।












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