चंडीगढ़, 25 मार्च। शहर में प्रॉपर्टी खरीदना और बेचना अब पहले से महंगा होने जा रहा है। यूटी प्रशासन ने कलेक्टर रेट्स में बड़ा संशोधन करते हुए 15 से 55 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। इसका सीधा असर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्कों पर पड़ेगा।
प्रशासन ने 20 मार्च तक आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं, जिसके बाद संशोधित दरों को अंतिम रूप दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, कलेक्टर रेट संपत्ति की न्यूनतम सरकारी कीमत होती है, जिसके आधार पर रजिस्ट्री और अन्य शुल्क तय किए जाते हैं। नए रेट लागू होने से लेन-देन में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई गई है।
रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ोतरी
रिहायशी इलाकों में सबसे अधिक बढ़ोतरी पुराने और प्रमुख सेक्टरों में की गई है।
सेक्टर 1 से 12: 1.78 लाख से बढ़कर 2.37 लाख रुपये प्रति वर्ग गज
सेक्टर 14 से 37: 1.47 लाख से बढ़कर 1.81 लाख रुपये प्रति वर्ग गज
सेक्टर 38 और आगे: 1.33 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तय
इसके अलावा इंडिपेंडेंट ड्वेलिंग यूनिट के लिए कलेक्टर रेट 1.53 लाख रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित किया गया है।
कॉमर्शियल संपत्तियों के नए रेट
कॉमर्शियल क्षेत्रों में भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई है:
सेक्टर 8, 15, 17, 19, 22, 34, 35 (बूथ): 5.92 लाख रुपये प्रति वर्ग गज
मनीमाजरा मोटर मार्केट: 2.33 लाख रुपये प्रति वर्ग गज
शिवालिक एन्क्लेव: 4.10 लाख रुपये प्रति वर्ग गज
धनास मिल्क कॉलोनी: 2.97 लाख रुपये प्रति वर्ग गज
कोल डिपो/टिंबर/आयरन/ट्रांसपोर्ट एरिया: 97,300 रुपये प्रति वर्ग गज
इंडस्ट्रियल एरिया के रेट
फेज-1 व 2: 86,000 रुपये प्रति वर्ग गज
फेज-3: 62,600 रुपये प्रति वर्ग गज (कोई बदलाव नहीं)
प्रशासन का मानना है कि नए कलेक्टर रेट लागू होने से प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, हालांकि आम खरीदारों और निवेशकों पर इसका आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।











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