सीसीटीवी टेंडर दिलाने के नाम पर किया फ्रॉड, फर्जी वर्दी और नकदी बरामद
बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 1 अप्रैल 2026: पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा पुलिस के फर्जी डीएसपी बनकर ठगी करने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान विपुल गोयल और तरुण गोयल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से धोखाधड़ी में इस्तेमाल की गई डीएसपी की फर्जी वर्दी और कुछ नकदी भी बरामद की है।
एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार, इस मामले की शुरुआत पानीपत निवासी योगेश की शिकायत से हुई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2014 में तरुण गोयल ने अपने भाई विपुल गोयल को डीएसपी बताकर उससे मुलाकात करवाई। आरोपी विपुल विश्वास जीतने के लिए अक्सर पुलिस की वर्दी पहनकर मिलता था।
आरोपियों ने योगेश को सरकारी सीसीटीवी कैमरा लगाने का टेंडर दिलाने का झांसा दिया। झांसे में आकर पीड़ित ने फरवरी 2017 में पंचकूला सेक्टर-6 में 15 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों और नकद के जरिए कुल 35 लाख रुपये ठग लिए।
पीड़ित के अनुसार, 2017 से 2022 तक टेंडर नहीं मिलने पर जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करते रहे। जून 2023 में दबाव बनाने पर केवल 1.96 लाख रुपये लौटाए गए और फिर संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया गया। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि विपुल गोयल किसी भी प्रकार से पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि इस शिकायत पर 11 सितंबर 2025 को सेक्टर-7 थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 171, 406, 419 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया। एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर योगविन्द्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई गुरबचन और उनकी टीम ने 28 मार्च 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अगले दिन कोर्ट से 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में फर्जी वर्दी बरामद की गई, जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था। रिमांड खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।











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