पंचकूला, 9 अप्रैल 2026। साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पंचकूला पुलिस ने एक बड़े फ्रॉड मामले में अहम सफलता हासिल की है। शेयर मार्केट में निवेश पर दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पंचकूला की टीम ने गुजरात के अहमदाबाद से दो बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्ण प्रताप और बादल गुरनाम सिंह निवासी अहमदाबाद (गुजरात) के रूप में हुई है। दोनों को 8 अप्रैल को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
यह मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने 31 जुलाई 2024 को साइबर थाना पंचकूला में शिकायत दी थी। उसने बताया कि 5 जुलाई को उसे फेसबुक पर शेयर मार्केट से जुड़ा एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन को लाइक करने के बाद उसे व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजा गया।
इस लिंक के माध्यम से ठगों ने उसे निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया और धीरे-धीरे भरोसा जीतकर अलग-अलग चरणों में उससे 1.75 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
बैंक कर्मचारियों की अहम भूमिका
जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार दोनों बैंक कर्मचारी साइबर ठगों के साथ मिलकर लोगों के बैंक खाते खुलवाने, दस्तावेज जुटाने और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर भूप सिंह द्वारा की जा रही है।
पहले ही 12 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अलग-अलग समय पर इस गिरोह से जुड़े कई आरोपियों को पकड़ा गया, जिनमें हाल ही में 3 अप्रैल 2026 को गुजरात निवासी रौनक ठक्कर भी शामिल है।
अब इन दो बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी से जांच को और मजबूती मिली है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
लोगों से अपील
डीसीपी अमरिंदर सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर निवेश, शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो या आईपीओ में मोटे मुनाफे के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक या ऑफर पर बिना जांच भरोसा न करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पिन या निजी दस्तावेज साझा न करें।
अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते रकम को ट्रैक कर फ्रीज कराया जा सके।












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