बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 अप्रैल: चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम थाना, सेक्टर-17 ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई एसपी साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशों, डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी के पर्यवेक्षण में की गई। मामला एफआईआर नंबर 24 दिनांक 14 फरवरी 2026 के तहत विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया है।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र सिंह (29) पुत्र स्वर्गीय मनरूप सिंह, निवासी झुंझुनू (राजस्थान) के रूप में हुई है।
क्या है मामला
यह मामला सेक्टर-44 निवासी नरेंद्र अहलावत की शिकायत पर दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता, जो “ट्रैक विद मार्केट” नामक प्लेटफॉर्म चलाते हैं, को अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान खुद को टीआरडी-एनएफटी कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले ठगों ने संपर्क किया। आरोपियों ने क्रिप्टो और एआई ट्रेडिंग के जरिए प्रतिदिन 2% रिटर्न का झांसा दिया और फर्जी सेबी प्रमाणपत्र व लेनदेन के स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा जीता।
ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 40,704 अमेरिकी डॉलर यूएसडीटी वॉलेट में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने अपनी राशि और मुनाफे की मांग की, तो आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
जांच और गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस ने क्रिप्टो एक्सचेंज Binance से संपर्क कर संबंधित वॉलेट के केवाईसी विवरण जुटाए। जांच में सामने आया कि वॉलेट का लाभार्थी जितेंद्र सिंह है, जिसके नाम पर मोबाइल नंबर भी पंजीकृत है।
पुलिस ने 8 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह हरियाणा के एक अन्य व्यक्ति के संपर्क में था, जो लोगों को अधिक रिटर्न का लालच देकर इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम देता था। आरोपी ने अपने बाइनेंस वॉलेट के जरिए यूएसडीटी ट्रांजेक्शन प्राप्त कर इस ठगी में सहयोग किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फिलहाल हिरासत में है और उससे अन्य साथियों व संभावित नेटवर्क के बारे में पूछताछ जारी है। मामले की जांच अभी प्रगति पर है।












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