April 11, 2026 8:38 pm

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प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों पर चलकर हरियाणा बनेगा शिक्षित और आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की शिरकत
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र, 11 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों पर चलते हुए प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले का जीवन और उनके विचार समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की स्थापना के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को कुरुक्षेत्र के बाबैन में सैनी सभा द्वारा आयोजित महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह एवं सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्था की मांग को स्वीकार करते हुए सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले कॉलेज ऑफ नर्सिंग खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने अपने स्वैच्छिक कोष से 51 लाख रुपये की अनुदान राशि देने का ऐलान किया। उन्होंने नागरिकों की सुविधा के लिए मथाना-बाबैन मार्ग को 13.38 करोड़ रुपये की लागत से 7 मीटर चौड़ा करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के आयोजक एवं सैनी सभा कुरुक्षेत्र के प्रधान गुरनाम सिंह सैनी द्वारा रखे गए अन्य मांग पत्रों को भी मुख्यमंत्री ने पूरा करने का आश्वासन दिया। वहीं कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की ओर से 11-11 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले एक ऐसे महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपने विचारों, संघर्षों और कर्मों से भारतीय समाज को नई दिशा दी। उन्होंने उस दौर में सामाजिक कुरीतियों, रूढ़ियों और अंधविश्वासों के खिलाफ आवाज उठाई, जब देश अंग्रेजी हुकूमत के अधीन था। बाल विवाह, छुआछूत, जातिगत भेदभाव और महिलाओं की अशिक्षा के खिलाफ उनका संघर्ष किसी क्रांति से कम नहीं था।
उन्होंने कहा कि महात्मा फुले का सबसे बड़ा योगदान शिक्षा के क्षेत्र में रहा। उनका मानना था कि समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा का प्रसार जरूरी है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर पुणे में देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया, जो उस समय सामाजिक अंधकार के खिलाफ एक बड़ा कदम था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान महात्मा फुले के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ के माध्यम से महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 62 संकल्प पूरे किए जा चुके हैं और शेष पर तेजी से काम जारी है। पिछड़े वर्गों के लिए क्रीमीलेयर की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है। गरीब महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 250 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हित में भी लगातार कार्य कर रही है और प्रदेश में फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों में आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी पर 51 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को देश में उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपये तक तथा विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों की 12वीं तक की फीस माफ की गई है तथा उन्हें मुफ्त पुस्तकें, वर्दी और अन्य शैक्षणिक सामग्री दी जा रही है। बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उनकी कॉलेज और विश्वविद्यालय फीस भी माफ की गई है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत महिलाओं को 2100 रुपये मासिक सहायता दी जा रही है और अब इसका दायरा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये आय वाले परिवारों तक किया जाएगा। अब तक 10 लाख महिलाओं को 1038 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और अब तक 1.56 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। PM Vishwakarma Yojana के तहत 30 हजार से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और 50 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वर्तमान सरकार महात्मा फुले के विचारों का अनुसरण करते हुए समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है और सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी, मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, गुरदयाल सैनी, पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, धर्मवीर डागर, राज्य सूचना आयुक्त परवीर सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, मेयर कोमल सैनी, प्रवक्ता जवाहर सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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Author: BabuGiri Hindi

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