निवेशकों को फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और EV सेक्टर में निवेश का दिया आमंत्रण
भारत उपभोग आधारित से उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है: मुख्यमंत्री
2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये का निर्यात कर हरियाणा बना प्रमुख योगदानकर्ता
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने औद्योगिक समूहों और निवेशकों से राज्य के तेजी से विकसित हो रहे फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, जिससे उद्योगों को तेजी से बढ़ने का मौका मिल रहा है।
चंडीगढ़ में आयोजित TiECon Chandigarh Summit 2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा आज स्टार्टअप्स के मामले में देश का 7वां सबसे बड़ा राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 9,500 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले हैं। सरकार का लक्ष्य इस भागीदारी को बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्राथमिकता देते हुए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और करीब 28,000 इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। वहीं लॉजिस्टिक्स सेक्टर में राज्य देश में तीसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। राज्य का लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आता है, जिसे एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिसमें हरियाणा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि जो राज्य पहले कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब स्टार्टअप्स और तकनीकी नवाचार का केंद्र बनकर उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर तेजी से स्टार्टअप हब बन रहे हैं, जहां आईटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भारत के निर्यात में भी प्रमुख योगदान दे रहा है और वर्ष 2023–24 में राज्य ने 2.75 लाख करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया है। राज्य के 14 जिले NCR में आते हैं, जबकि लगभग 66 प्रतिशत क्षेत्र दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के प्रभाव क्षेत्र में शामिल है, जिससे यहां कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना के तहत C और D श्रेणी के ब्लॉकों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये) तक अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में स्टांप ड्यूटी में भी 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है।
निवेशकों की सुविधा के लिए हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर द्वारा सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत एकीकृत पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा 48 विभागों में 1,100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में IMT सोहना में 500 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब और हिसार में मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी बड़ी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही HSIIDC द्वारा राज्यभर में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप स्थापित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निवेशकों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार उनके विचारों को सफल उद्यमों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने TiECon चंडीगढ़ अवार्ड 2026 भी प्रदान किए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री असीम गोयल, उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, TiE चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, Software Technology Parks of India के महानिदेशक अरविंद कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।











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