April 10, 2026 6:57 pm

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मार्च में सोने की कीमतों में 12% की बड़ी गिरावट, WGC रिपोर्ट में खुलासा—एशिया से मिली सहारा, आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

ग्लोबल ETF से रिकॉर्ड निकासी, कॉमेक्स पर घटे सौदे और नकदी संकट बना बड़ी वजह; एशियाई निवेशकों ने गिरावट को मौके में बदला
बाबूगिरी ब्यूरो
नई दिल्ली: World Gold Council (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 12 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के बाद सोने का भाव फिसलकर लगभग 4,608 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो जून 2013 के बाद सबसे खराब मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
हालांकि इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद, साल 2026 के कुल प्रदर्शन में सोना अब भी सकारात्मक रिटर्न दे रहा है, जिससे निवेशकों के लिए यह पूरी तरह निराशाजनक स्थिति नहीं है।
गिरावट के पीछे मुख्य कारण
WGC की ‘गोल्ड रिटर्न एट्रिब्यूशन मॉडल’ (GRAM) रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक कारक जिम्मेदार रहे:
1. ग्लोबल गोल्ड ETF से रिकॉर्ड निकासी
मार्च में दुनिया भर के गोल्ड ETF से करीब 12 बिलियन डॉलर (लगभग 84 टन सोना) की भारी निकासी हुई।
सबसे ज्यादा निकासी उत्तरी अमेरिका से हुई, जहां अकेले 14 बिलियन डॉलर तक का आउटफ्लो दर्ज किया गया।
यह दर्शाता है कि बड़े निवेशकों ने तेजी से सोने से पैसा निकाला।
2. COMEX पर पोजीशन घटने से दबाव
COMEX (कमोडिटी एक्सचेंज) पर संस्थागत और रिटेल निवेशकों ने अपने खरीद सौदे तेजी से कम किए।
इससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा
और कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली
3. नकदी (लिक्विडिटी) की जरूरत
वैश्विक बाजारों में गिरावट के चलते निवेशकों को अन्य एसेट्स में हुए नुकसान की भरपाई करनी पड़ी।
इसके लिए उन्होंने सोने जैसे लिक्विड एसेट को बेचना शुरू किया
मार्जिन कॉल और कैश की जरूरत ने गिरावट को और तेज किया
एशियाई बाजारों ने दिया सहारा
जहां अमेरिका और यूरोप में भारी बिकवाली देखने को मिली, वहीं एशिया ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
एशियाई देशों में मार्च के दौरान करीब 1.9 बिलियन डॉलर का इनफ्लो दर्ज हुआ
निवेशकों ने कम कीमतों पर खरीदारी को अवसर के रूप में लिया
भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में ज्वैलरी और निवेश मांग मजबूत रही

अप्रैल में सुधार के संकेत
WGC के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत में स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है:
गोल्ड ETF में फिर से पॉजिटिव इनफ्लो शुरू हो गया है
बाजार में स्थिरता लौटने के संकेत मिल रहे हैं
हालांकि, अभी भी कुछ जोखिम बने हुए हैं:
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव
ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता

निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि:
अल्पकाल में सोने में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
लेकिन मध्यम और लंबी अवधि में सोना अभी भी “सेफ हेवन” निवेश बना रहेगा
गिरावट को कई निवेशक “खरीद का मौका” मान रहे हैं
निष्कर्ष
मार्च 2026 सोने के लिए एक झटका साबित हुआ, लेकिन बुनियादी स्तर पर इसकी मजबूती बरकरार है। पश्चिमी देशों की बिकवाली के बीच एशियाई मांग ने बाजार को संतुलन दिया है। आने वाले महीनों में वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों का रुख तय करेगा कि सोना फिर तेजी पकड़ता है या उतार-चढ़ाव जारी रहता है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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