किसी भी चौक-चौराहे पर नही पुलिस व होमगार्ड
लोगों को जाम में फसने पर खूद ही करनी पड़ रही मशक्त
शहर में दिन में भारी वाहन सरपट दौड़ रहे
बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 26 अप्रैल। पंचकूला शहर में ट्रैफिक सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी से हालात बिगड़ रहे हैं। महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर पुलिस और होमगार्ड की अनुपस्थिति से यातायात का प्रबंधन पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुका है। लोग जाम में फंसने पर खुद ही मशक्कत कर रास्ता निकालने को मजबूर हैं। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए किसी भी चौराहे पर पुलिसकर्मी या होमगार्ड की तैनाती नहीं हो रही है। इससे जाम की स्थिति बार-बार बन रही है। दिन के समय भारी वाहन बिना किसी रोक-टोक के शहर के भीतर दौड़ रहे हैं, जो न केवल जाम का कारण बनते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाते हैं। लोगो का आरोप है कि शहर में ट्रैफिक पुलिस के दर्शन ही नही होते, केवल वीआईपी आगमन के समय ही ट्रैफिक पुलिस की एक्टिविटी दिखाई देती है। कालका शिमला मार्ग पर ही ज्यादा ट्रैफिक पुलिस की एक्टिविटी रहती है। स्कूली की छुटी व सुबह ऑफिस के समय लोग जाम में फंसे रहते है। सीपी पुलिस से कई बार शिकायत कर चुके की स्कूली की छुटी व सुबह ऑफिस के समय बिजी चोक चौराहे पर पुलिस व होमगार्ड के जवान ड्यूटी पर लगाये जाए। बताया जा रहा कि की पंचकूला ट्रैफिक पुलिस में कर्मचारियों की संख्या भी बहुत कम है। जिसमे से अधिकतर कर्मचारी वीआईपी ड्यूटी पर रहते है। पंचकूला एक राजधानी के रूप में है, रोजाना ही सरकारी प्रोग्राम चलते रहते है। मुख्यमंत्री, राज्यपाल व मंत्रियों के प्रोग्राम चलते रहते है। जिसमे ट्रैफिक पुलिस बिजी रहती है। लोगो की मांग है कि पंचकूला में ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की संख्या भी बढाई जाए।
यातायात नियमों की अनदेखी:
बिना किसी निगरानी के वाहन चालक लाल बत्ती तोड़ते हैं, गलत लेन में चलते हैं और यातायात संकेतों की अवहेलना करते हैं।
लोगों की परेशानियां
जाम के कारण दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल जाने वाले बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। शहर के हर बार्डर पर पुलिस ने सुबह 8 बजें से लेकर शाम 8 बजे तक हैवी ट्रैफिक की शहर में नो-एंट्री के बोर्ड लगाए हुए है, मगर यह बोर्ड खूद लिखत में ही संदेश दे रहे है। किसी भी पुलिस कर्मी व होमगार्ड का इस पर कोई भी ध्यान नही है।
ट्रैफिक सुरक्षा पर लापरवाही, शहर की ट्रैफिक सुरक्षा राम-भरोसे
लोगो का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का ध्यान केवल माजरी चौक, मनीमाजरा चंडीगढ़ बार्डर, जीटी रोड पर बाहरी प्रदेश नम्बर के वाहन पर है। पंचकूला शहर की ट्रैफिक सुरक्षा राम-भरोसे छोंड दी है।
समाधान:पुलिस और होमगार्ड की तैनाती:
चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड तैनात किए जाएं, खासकर व्यस्त समय में।
भारी वाहनों के लिए समय-सीमा:
भारी वाहनों के शहर में प्रवेश के लिए रात के समय की अनुमति हो और दिन में उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। सख्त निगरानी: सीसीटीवी कैमरों के जरिए यातायात की निगरानी बढ़ाई जाए और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
जागरूकता अभियान:
वाहन चालकों के लिए यातायात नियमों की जानकारी बढ़ाने और उनका पालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स: ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन करने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स और सेंसर आधारित प्रणाली लागू की जाए।











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