September 21, 2026 6:04 am

September 21, 2026 6:04 am

चंडीगढ़ में केवल 20 प्रतिशत वाहन ही PUC के साथ सड़कों पर, प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीर सवाल

आरटीआई से खुलासा, प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही उजागर
चंडीगढ़, 8 जनवरी — सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के. गर्ग ने चंडीगढ़ में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र  को लेकर गंभीर चिंता जताई है। गर्ग ने कहा कि चंडीगढ़ में वाहनों की बढ़ती संख्या जहां समृद्धि का संकेत है, वहीं यह वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण भी बन चुकी है।
आरटीआई के माध्यम से प्राप्त स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी  चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार, शहर में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 15 लाख पंजीकृत वाहन हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रत्येक वाहन का वैध पीयूसी होना अनिवार्य है और बिना पीयूसी वाहन चलाना दंडनीय अपराध है।
लेकिन आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
नवंबर 2025 में केवल 56,589 PUC
दिसंबर 2025 में केवल 59,094 PUC जारी किए गए।
जबकि चंडीगढ़ में PUC की वैधता केवल 6 माह होती है। इस आधार पर पूरे वर्ष में लगभग 30 लाख PUC जारी होने चाहिए थे। इसके विपरीत, केंद्र सरकार की वेबसाइट के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 6,69,224 PUC ही जारी किए गए। इससे साफ है कि केवल 20 प्रतिशत वाहन ही वैध PUC के साथ चल रहे हैं, जबकि शेष 80 प्रतिशत वाहन बिना PUC सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

आर के गर्ग—

 

आर.के. गर्ग ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किए जाते हैं, लेकिन PUC की जांच लगभग नहीं की जाती, जिससे नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

PUC सेंटरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
चंडीगढ़ में संचालित 84 PUC सेंटरों ने पूरे वर्ष 2025 में केवल 1,90,500 रुपये नवीनीकरण शुल्क के रूप में जमा कराए। जबकि कई सेंटर प्रतिमाह 2000 से अधिक PUC जारी कर रहे हैं। ऐसे में प्रति PUC महज एक रुपये से भी कम राशि STA को मिल रही है। गर्ग ने कहा कि 2000 रुपये की वार्षिक नवीनीकरण फीस की समीक्षा जरूरी है।

सरकारी विभाग भी नियमों से बेपरवाह
प्रेस नोट में यह भी खुलासा किया गया कि यूटी प्रशासन खुद अपने वाहनों के PUC को लेकर गंभीर नहीं है।
चंडीगढ़ में 2915 बसों के मुकाबले नवंबर 2025 में केवल 143 PUC जारी हुए।
जबकि CTU परिसर में ही कई PUC सेंटर मौजूद हैं।
चंडीगढ़ पुलिस के पास बड़े वाहन बेड़े के बावजूद दिसंबर 2025 में सिर्फ 58 और नवंबर में 39 PUC ही जारी किए गए, वह भी उनके दो PUC सेंटरों से।
आर.के. गर्ग ने कहा कि ये आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं और सिर्फ STA ही नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके.

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

4 1 7 3 7 4
Total Users : 417374
Total views : 668760

शहर चुनें