आर्थिक स्थिरता और विकास सरकार की प्राथमिकता
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और कम महंगाई के रास्ते पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कठिन परिस्थितियों में लिए गए सोच-समझकर फैसलों का परिणाम है।
आत्मनिर्भर भारत से मजबूत हुई मैन्युफैक्चरिंग
वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक मानते हुए सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। जरूरी आयात पर निर्भरता कम की गई है और यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकारी नीतियों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।
रोजगार, कृषि और क्रय शक्ति बढ़ाने पर जोर
निर्मला सीतारमण ने बताया कि रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, परिवारों की खरीद क्षमता मजबूत करने और सार्वभौमिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। इन प्रयासों से देश को लगभग 7 प्रतिशत की उच्च आर्थिक विकास दर हासिल हुई है और गरीबी कम करने में मदद मिली है।
आर्थिक विकास के लिए छह बड़े सुधार
केंद्रीय बजट में आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, चैंपियन MSME का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, दीर्घकालिक स्थिरता और शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास शामिल है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और टेक्नोलॉजी पर फोकस
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे, जिससे तकनीकी क्षमता और स्किल्ड वर्कफोर्स का विकास होगा।
रेयर-अर्थ कॉरिडोर से खनिज राज्यों को बढ़ावा
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे रणनीतिक खनिजों की उपलब्धता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड
छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव किया गया है, जिसका उद्देश्य भविष्य के चैंपियन उद्यम तैयार करना है।
मेगा टेक्सटाइल पार्क और खादी-हथकरघा को समर्थन
केंद्रीय बजट में चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और खादी एवं हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने की घोषणा की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट को नई रफ्तार
पर्यावरण के अनुकूल कार्गो मूवमेंट के लिए डंकुनी से सूरत तक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाए जाएंगे। अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कैपेक्स बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये
बजट 2026-27 में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना
भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्यों के सहयोग से देश में 5 क्षेत्रीय हब स्थापित करने की योजना प्रस्तावित की गई है।
कृषि और बागवानी को नई योजनाएं
नारियल, काजू और कोको उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी, ताकि भारत उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बने और वैश्विक बाजार में प्रीमियम ब्रांड के रूप में उभरे।
टैक्स राहत और कस्टम ड्यूटी में छूट
शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए LRS के तहत TCS दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा लिथियम-आयन सेल और सोलर ग्लास निर्माण से जुड़े आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने की घोषणा की गई है।












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