नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शाहदरा फ्लाईओवर के नीचे बने एमसीडी के मालखाने में भीषण आग लग गई। रात करीब 8:30 बजे अचानक उठीं ऊंची लपटों और काले धुएं के घने गुबार ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में मालखाने में खड़ी दर्जनों जब्त गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं और देखते ही देखते जलकर राख हो गईं।
फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रहे लोगों ने आग की लपटें देखीं तो मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया, जिससे आसपास की कॉलोनियों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
गीता कॉलोनी फायर स्टेशन के अधिकारी अनूप ने बताया कि कंट्रोल रूम को रात 8 बजकर 36 मिनट पर आग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना कर दी गईं। रात 9:05 बजे आग को चौथी श्रेणी (कैटेगरी-4) में रखा गया और कुल 8 दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग में करीब 40 वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। ये सभी वाहन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चलते एमसीडी द्वारा जब्त किए गए थे और मालखाने में खड़े थे। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
हालांकि, इस घटना ने दिल्ली नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले फ्लाईओवर के नीचे बड़ी संख्या में जब्त वाहनों को रखना बेहद खतरनाक है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि मालखाने में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। पुलिस और निगम प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुट गया है।












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