नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब भीषण रूप ले चुका है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। इस बीच इजराइल में मौजूद हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है।
राजदूत जेपी सिंह का बड़ा बयान
इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि भारतीय दूतावास वहां मौजूद प्रत्येक भारतीय नागरिक के संपर्क में है। एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव विकल्प पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया, “नई एडवाइजरी जारी की गई है। हमारी योजना भारतीयों को सड़क मार्ग से मिस्र या जॉर्डन के रास्ते सुरक्षित निकालने की है। जो मार्ग सबसे सुरक्षित होगा, उसी का चयन किया जाएगा।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में सड़क यात्रा जोखिम भरी है, इसलिए दूतावास ‘सुरक्षित विंडो’ का इंतजार कर रहा है।
भारत की कूटनीतिक सक्रियता
बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कूटनीतिक स्तर पर पहल तेज कर दी है। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार से फोन पर बातचीत की।
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा भारत की प्राथमिक चिंता बनी हुई है।
भारतीयों के लिए जारी अहम निर्देश
सभी भारतीय नागरिकों को दूतावास की वेबसाइट पर तुरंत पंजीकरण करने को कहा गया है।
24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
नागरिकों को बम शेल्टर और सुरक्षित इमारतों के पास रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
सरकार की ओर से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही स्थिति अनुकूल होगी, चरणबद्ध तरीके से निकासी अभियान शुरू किया जा सकता है।











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