— पिंजौर-कालका के लोगों पर बढ़ा आर्थिक बोझ: विजय बंसल
पिंजौर/कालका, 26 मार्च 2026: हिमाचल प्रदेश में एंट्री टोल टैक्स बढ़ाए जाने के फैसले के बाद हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर पिंजौर, कालका और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना काम, व्यापार और नौकरी के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश आते-जाते हैं।
रोजाना आने-जाने वालों पर बढ़ेगा बोझ
विजय बंसल ने कहा कि बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ और परवाणु जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकतर कर्मचारी पिंजौर और आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं। टोल टैक्स बढ़ने से इन लोगों को हर दिन अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, जिससे उनके मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा वर्ग पर असर
उन्होंने कहा कि इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे व्यापारी, टैक्सी चालक और नौकरीपेशा लोग होंगे। बढ़े हुए टोल के कारण माल ढुलाई की लागत भी बढ़ेगी, जिससे वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है और आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
सीएम से दोबारा मिलने की तैयारी
विजय बंसल ने बताया कि 30 अक्टूबर 2024 को पूर्व डिप्टी सीएम चंद्र मोहन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला था और सीमावर्ती लोगों के लिए टोल में छूट की मांग रखी गई थी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे एक बार फिर मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे।
पहले भी दिलवाई जा चुकी है टोल में राहत
उन्होंने कहा कि इससे पहले पंचकूला-शिमला नेशनल हाईवे पर चंडीमंदिर टोल प्लाजा को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके परिणामस्वरूप 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को मात्र 150 रुपये मासिक शुल्क की सुविधा दी गई, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली।
औद्योगिक क्षेत्र और राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर
विजय बंसल ने कहा कि बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र को हिमाचल की आर्थिक राजधानी माना जाता है और राज्य के राजस्व में इसका बड़ा योगदान है। यदि यहां कार्यरत कर्मचारियों, व्यापारियों और उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है, तो इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
सीमावर्ती लोगों के लिए विशेष पास की मांग
विजय बंसल ने हिमाचल सरकार से मांग की कि सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रियायत या पास की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि उन्हें बार-बार टोल टैक्स न देना पड़े।
पुनर्विचार की अपील
उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने यह फैसला राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लिया हो, लेकिन प्रभावित लोगों की समस्याओं को देखते हुए इस पर पुनर्विचार करना जरूरी है।
टोल टैक्स में बढ़ोतरी से पिंजौर-कालका क्षेत्र के लोगों के सामने आर्थिक और व्यावहारिक कठिनाइयां बढ़ती नजर आ रही हैं। अब स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।











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