पंचकूला, 9 अप्रैल: पंचकूला में वार्डबंदी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के हालिया फैसले का कांग्रेस विधायक चंद्र मोहन ने स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल न्यायपूर्ण है, बल्कि आम जनता के अधिकारों की भी रक्षा करता है।
चंद्र मोहन ने इस मुद्दे पर उनके साथ संघर्ष करने वाले सभी पार्षदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी निरंतर मेहनत और सहयोग से ही यह मामला अदालत तक पहुंचा और सच्चाई सामने आई।
उन्होंने बताया कि नगर निगम चुनाव को लेकर पंचकूला प्रशासन ने जल्दबाजी में वार्डबंदी प्रक्रिया पूरी कर दी थी। कांग्रेस नेताओं ने शुरुआती स्तर पर ही इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन प्रशासन ने इन आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए वार्डबंदी का अंतिम प्रकाशन कर दिया। इसके बाद मामला शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा के समक्ष भी उठाया गया, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

विधायक ने आरोप लगाया कि वार्डबंदी के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) वार्डों की संख्या में कमी की गई, जिसका कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया था। साथ ही वार्ड आरक्षण के लिए अपनाई गई ड्रा प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए गए थे, लेकिन प्रशासन ने सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में नगर निगम पंचकूला, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद इनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
चंद्र मोहन ने कहा कि यह फैसला न केवल पंचकूला बल्कि पूरे हरियाणा के लिए एक मिसाल है, जिससे भविष्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले चुनाव निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप कराए जाएंगे, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय बंसल, सलीम दबकोरी, संदीप सोही, नवीन बंसल, उषा रानी, रामप्रशाद, गौतम प्रशाद और अरुण मादरा समेत कई कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।












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