बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 21 अप्रैल। CREST (Chandigarh Renewable Energy, Science & Technology Promotion Society) फर्जी एफडीआर मामले में मंगलवार को IFS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव पर गाज गिर गई। IFS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव सस्पेंड कर दिया गया। मामले में जांच तेज हो गई है। जिसकी लेकर विभाग में हड़कंप मच गया।
नवनीत कुमार श्रीवास्तव (भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं, जो AGMUT कैडर (2014 बैच) से संबंधित हैं। उप वन संरक्षक, चंडीगढ़ प्रशासन, केंद्र शासित प्रदेश में वन एवं पर्यावरण विभाग से जुड़े पदों पर कार्यरत हैं।

मामले में फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि की हेराफेरी का आरोप है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम और बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं।
पूरा मामला क्या है
चंडीगढ़ में 116.84 करोड़ का फर्जी FDR घोटाला
चंडीगढ़ में CREST और CSCL से जुड़े करीब ₹116.84 करोड़ के फर्जी FDR घोटाले का मार्च-अप्रैल 2026 में खुलासा हुआ था, जिसे शहर का अब तक का सबसे बड़ा बैंक घोटाला माना जा रहा है। जांच में सामने आया कि IDFC First Bank (सेक्टर-32) में सरकारी फंड की फर्जी एफडीआर बनाकर शेल कंपनियों के जरिए पैसा डायवर्ट किया गया। मामले में CREST के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल समेत बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की EOW इस केस की जांच कर रही है और आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। घोटाले का खुलासा तब हुआ जब नगर निगम ने फंड ट्रांसफर के दौरान अनियमितता पकड़ी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, CREST और संबंधित सरकारी परियोजनाओं के खातों में रखे गए फंड को बैंक रिकॉर्ड में फर्जी FDR के रूप में दिखाया गया। बाद में इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का लेन-देन अलग-अलग खातों और कंपनियों में किया गया।
इस घोटाले में: सरकारी फंड को सुरक्षित FD बताकर रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। बाद में कई FDR बैंक सिस्टम से गायब या फर्जी पाए गए। रकम को शेल कंपनियों के जरिए डायवर्ट करने के आरोप लगे
घोटाले की अनुमानित राशि
अब तक की जांच के अनुसार:
CSCL से जुड़े मामलों में लगभग ₹116 करोड़ तक की अनियमितता
CREST से जुड़े मामलों में ₹75 से ₹83 करोड़ की हेराफेरी
कुल मिलाकर मामला ₹100 करोड़ से अधिक का माना जा रहा है
IFS अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई
इस मामले में मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को निलंबित (Suspend) कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार:
उनके बैंक खाते में लगभग ₹70 लाख रुपये संदिग्ध लेन-देन पाए गए
जांच में उनका नाम सामने आने के बाद कार्रवाई की गई
उनके वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है
घोटाले का तरीका (कैसे हुआ फर्जीवाड़ा)
जांच में सामने आया है कि: बैंक में सरकारी फंड को FD के रूप में दिखाया गया
फर्जी FDR तैयार कर बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया
बैंक और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका
पैसे को कई लेयर में घुमाकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया
कैसे हुआ खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब:
स्मार्ट सिटी और CREST खातों का ऑडिट शुरू हुआ
मार्च 2025 के बाद खातों का मिलान किया गया
कई FDR बैंक रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं मिलीं
इसके बाद पूरे नेटवर्क की जांच शुरू हुई
अब तक की कार्रवाई
कई बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों से पूछताछ
CREST और संबंधित विभागों में कुछ गिरफ्तारियां
IFS अधिकारी का निलंबन
मामले में Prevention of Corruption Act (PC Act) के तहत केस दर्ज
जांच की स्थिति
Economic Offences Wing (EOW) और विशेष जांच टीम जांच कर रही है
मनी ट्रेल, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की फॉरेंसिक जांच जारी है
कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है
मौजूदा स्थिति
यह घोटाला अब केवल CREST तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्मार्ट सिटी और बैंकिंग सिस्टम तक इसकी जांच फैल चुकी है। प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटा है।
CREST घोटाला चंडीगढ़ के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बन चुका है। IFS अधिकारी के निलंबन के बाद यह साफ है कि जांच अब और गहराई में जा रही है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे संभव हैं।











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