बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़/पंचकूला, 24अप्रेल: हरियाणा के पूर्व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोकने, हथियार दिखाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से जुड़े मामले में शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच जारी है। इस पर कोर्ट ने फिलहाल कोई नोटिस जारी किए बिना एसपी हिसार को हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग
हाई कोर्ट में दायर याचिका में दुष्यंत चौटाला ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के साथ-साथ मामले की जांच हरियाणा पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच सीबीआई, चंडीगढ़ या पंजाब पुलिस को दी जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। याचिका में कहा गया है कि हिसार पुलिस अधीक्षक द्वारा उचित कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा।
डीजीपी पर फोन ब्लॉक करने का आरोप
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि हिसार सीआईए पुलिस की शिकायत करने के लिए उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल को कई बार फोन किया, लेकिन उनका नंबर ब्लॉक कर दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना तेज हो गई है।
याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
याचिका के अनुसार 17 अप्रैल को हिसार में उनके काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोक लिया। आरोप है कि सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मियों, जिनमें इंस्पेक्टर पवन कुमार शामिल थे, ने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को धमकाया। दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट को बताया कि वे वाई-प्लस सुरक्षा श्रेणी में आते हैं, इसके बावजूद इस तरह की घटना बेहद गंभीर है। उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने भी अलग-अलग शिकायतों में घटना की पुष्टि की है।
झूठे मुकदमों का आरोप
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उनके परिजनों और समर्थकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की। सात अप्रैल की एक अन्य घटना के आधार पर दर्ज एफआईआर को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया गया है।
साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट से मामले में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की है। फिलहाल, कोर्ट के अगले आदेश और एसपी हिसार के हलफनामे पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।












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