बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 26 अप्रैल। भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के “बदमाशी” वाले बयान पर मचा सियासी घमासान अब और तेज हो गया है। बयान के बाद उठे विवाद पर अब खुद रेखा शर्मा सामने आई हैं और उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है। विवाद बढ़ता देख सांसद रेखा शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान किसी एक व्यक्ति पर नहीं था, बल्कि “कार्यशैली” को लेकर था।
उन्होंने इस पूरे विवादित बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौ बंसीलाल के नाम पर तो सफाई दी लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौ भजनलाल और पंचकूला विधायक चौ चंद्रमोहन के नाम पर कोई सफाई नहीं दी।उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौ बंसीलाल का नाम नहीं लिया था।
सांसद रेखा शर्मा ने दावा किया कि वह खुद बंसीलाल सरकार में कंज्यूमर फोरम की मेंबर रह चुकी हैं और उन्होंने उनके काम और व्यक्तित्व को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने स्वर्गीय चौ बंसीलाल को एक आदर्श नेता और बेहतरीन इंसान बताया। सांसद ने ये भी कहा कि भाजपा नेता किरण चौधरी उनकी राजनीतिक और निजी दोस्त हैं, और दोनों ने मिलकर स्वर्गीय चौ बंसीलाल जी की कार्यशैली को करीब से देखा और समझा है।
लेकिन सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रेखा शर्मा ने कहा कि उनके भाषण के दौरान “क्रॉनिकल गलती” से आधा नाम उनके मुंह से निकल गया था, जिसे उन्होंने तुरंत सुधार भी लिया था। लेकिन अब उसी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है!
उन्होंने कहा कि..”मेरी किरण चौधरी से भी बात हुई है… अगर मैंने ऐसा कुछ कहा होता तो मैं स्वीकार करती… लेकिन मैंने ऐसा कुछ कहा ही नहीं है!”
सोशल मीडिया और कुछ वेब प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे को हवा देने का आरोप लगाते हुए रेखा शर्मा ने कहा कि सच्चाई को जानबूझकर “गलत ट्रैक” पर डालकर पेश किया जा रहा है।
वहीं अपने “बदमाशी” वाले बयान पर उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ये उनके निजी अनुभव पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि जब वो पार्षद का चुनाव लड़ रही थीं, तब उन्हें जिन हालातों का सामना करना पड़ा….राशन कार्ड पर उनकी फोटो के ऊपर दूसरी फोटो चिपकाई गई, उनके घर पर और उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया, कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। उसी दर्द को उन्होंने बयान किया था।
इस पूरे विवाद के बीच अब मामला कानूनी मोड़ भी लेता दिख रहा है।
लीगल नोटिस मिलने पर रेखा शर्मा ने साफ कर दिया है कि वो हर आरोप का जवाब कानून के दायरे में ही देंगी।
तो क्या “बदमाशी” वाला बयान महज एक गलतफहमी है… या फिर इसके पीछे सियासत की बड़ी चाल?….फिलहाल, पंचकूला की राजनीति में ये मुद्दा अब गरमाता जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर और घमासान देखने को मिल सकता है।









Total Users : 306376
Total views : 515385