प्रो. विवेक लाल, निदेशक पीजीआईएमईआर ने स्वस्थ जीवनशैली की आवश्यकता पर जोर दिया
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 26 अप्रैल 2026: रूमेटोलॉजिकल रोग जागरूकता माह के समापन अवसर पर, पीजीआईएमईआर के आंतरिक चिकित्सा विभाग द्वारा पीजीआईएमईआर से सुखना लेक तक एक जन-जागरूकता वॉक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मस्कुलोस्केलेटल विकारों के प्रबंधन और रोकथाम में जीवनशैली में बदलाव की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना था।
सुखना लेक पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ ने स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता पहलें अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि ये रोग जनसंख्या के बड़े हिस्से को प्रभावित करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जागरूकता गतिविधियों की शुरुआत बचपन और स्कूल स्तर से ही की जानी चाहिए। उन्होंने ऑस्टियोपोरोसिस की बढ़ती समस्या पर भी चर्चा की तथा सभी को धूम्रपान और शराब छोड़ने की सलाह दी।
इस अवसर पर बोलते हुए, प्रो. अमन शर्मा, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी डिवीजन, आंतरिक चिकित्सा विभाग, पीजीआईएमईआर तथा वर्तमान अध्यक्ष, इंडियन रूमेटोलॉजी एसोसिएशन ने भारतीय जनसंख्या में रूमेटिक एवं मस्कुलोस्केलेटल (RMSK) रोगों की उच्च प्रचलनता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि धूम्रपान विभिन्न रूमेटोलॉजिकल रोगों, जैसे रूमेटाइड आर्थराइटिस, को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि शराब का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि शराब की थोड़ी मात्रा भी हानिकारक होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रकार की विभिन्न चिकित्सीय स्थितियाँ ‘आर्थराइटिस’ के रूप में सामने आ सकती हैं, इसलिए समय पर और उचित उपचार के लिए रूमेटोलॉजी विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है। उन्होंने दैनिक जीवन में किसी न किसी रूप में व्यायाम को शामिल करने के महत्व पर भी जोर दिया।
प्रो. अमन शर्मा ने जानकारी दी कि यह वॉक, इंडियन रूमेटोलॉजी एसोसिएशन द्वारा देशव्यापी जागरूकता अभियान का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य रूमेटोलॉजिकल और मस्कुलोस्केलेटल रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस जागरूकता वॉक को नेहरू अस्पताल से प्रो. संजय जैन (डीन रिसर्च), पंकज राय (डिप्टी डायरेक्टर) और डॉ. विपिन कौशल (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस कार्यक्रम में 200 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें पीजीआई के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट्स, कर्मचारी, मरीज, वास्कुलाइटिस सोसाइटी के सदस्य और आम जनता शामिल थे।












Total Users : 306487
Total views : 515578