भाजपा पर महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप; टीए-डीए लेने से भी किया इनकार
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 27 अप्रैल: हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस सत्र का बहिष्कार करते हुए सदन के बाहर समानांतर सभा आयोजित की और भाजपा सरकार पर संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप लगाया।
विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। कांग्रेस विधायकों ने सत्र के दौरान मिलने वाले यात्रा भत्ता (टीए) और महंगाई भत्ता (डीए) लेने से भी इनकार कर दिया।
कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए राज्य सरकार द्वारा इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाना असंवैधानिक है।
सदन के बाहर आयोजित समानांतर सत्र में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर इसके क्रियान्वयन में देरी कर रही है।
समानांतर सत्र में कांग्रेस विधायकों ने महिला आरक्षण विधेयक 2023 के समर्थन में प्रस्ताव पारित करते हुए इसे तुरंत लागू करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि संसद से पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बावजूद इसे लागू नहीं किया जा रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सदन की गरिमा बनाए रखना जरूरी है, लेकिन असंवैधानिक मुद्दों को उठाना उचित नहीं है। वहीं विधायक भरत भूषण बत्रा और अशोक अरोड़ा ने भाजपा पर संसदीय परंपराओं की अनदेखी करने के आरोप लगाए।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इनसे ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। समानांतर सत्र में इन सभी मुद्दों पर भी चर्चा की गई।










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