June 15, 2026 2:19 pm

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MOHALI NEWS: विश्व पर्यावरण दिवस पर मोहाली में अनूठी पहल: अब मिलेगा ‘दूध वही, प्लास्टिक नहीं’ का विकल्प

पीपीसीबी और वेरका ने शुरू की प्लास्टिक-मुक्त दूध वितरण सेवा, 2 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिलेगा दूध

रमेश गोयत
मोहाली, 7 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) और वेरका मिल्क प्लांट, मोहाली ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से एटीएस कासा एस्पाना, मोहाली में मोबाइल मिल्क वेंडिंग वैन की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से लोगों को बिना प्लास्टिक पैकेजिंग के ताजा दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक दूध पाउचों से उत्पन्न होने वाले कचरे को कम करना और लोगों को पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। पीपीसीबी द्वारा चलाए जा रहे सिंगल यूज प्लास्टिक विरोधी अभियान के तहत यह परियोजना शुरू की गई है।

अभियान के तहत “दूध वही, प्लास्टिक नहीं” संदेश के साथ उपभोक्ताओं को अपने घर से पुन: उपयोग योग्य बर्तन, बोतल या अन्य पात्र लाकर दूध खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोबाइल वेंडिंग वैन से ताजा वेरका दूध 64 रुपये प्रति लीटर की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि प्लास्टिक पाउच में यही दूध 66 रुपये प्रति लीटर में मिलता है। इस प्रकार उपभोक्ताओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार वेंडिंग मशीन की क्षमता लगभग 300 लीटर है और इसे प्रतिदिन एटीएस कासा एस्पाना में संचालित किया जाएगा। यदि मशीन अपनी पूरी क्षमता पर कार्य करती है तो केवल एक आवासीय सोसायटी में ही प्रतिदिन लगभग 600 प्लास्टिक दूध पाउचों के उपयोग को रोका जा सकेगा।
पीपीसीबी के अनुमान के मुताबिक यदि कोई परिवार प्रतिदिन दो लीटर दूध इस व्यवस्था के माध्यम से खरीदता है तो वह एक वर्ष में लगभग चार किलोग्राम प्लास्टिक कचरा पैदा होने से रोक सकता है। यदि इस मॉडल को बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियों में लागू किया जाए तो प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और निपटान पर पड़ने वाला दबाव भी काफी हद तक कम हो सकता है।
पीपीसीबी अधिकारियों ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल बेहतर कचरा प्रबंधन से नहीं होगा, बल्कि उपभोक्ताओं की दैनिक आदतों में बदलाव भी जरूरी है। दूध जैसी रोजमर्रा की वस्तु की पैकेजिंग में प्लास्टिक का उपयोग कम करने से पर्यावरण को व्यापक लाभ मिल सकता

अधिकारियों ने बताया कि यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो इसे मोहाली की अन्य आवासीय सोसायटियों के साथ-साथ पंजाब के अन्य शहरों और कस्बों तक भी विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त मोबाइल वेंडिंग वैन या वेरका के मौजूदा वितरण केंद्रों पर स्थायी वेंडिंग इकाइयां स्थापित करने की योजना पर भी विचार किया जाएगा।
पीपीसीबी ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और हाउसिंग सोसायटियों से इस पहल में भागीदारी करने की अपील की है। इच्छुक संस्थाएं अपने क्षेत्र में ऐसी सुविधा शुरू करवाने के लिए बोर्ड से संपर्क कर सकती हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह पहल न केवल प्लास्टिक कचरे को कम करने का माध्यम बनेगी, बल्कि लोगों को टिकाऊ और जिम्मेदार उपभोग की संस्कृति अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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