चंडीगढ़ | यूटी पुलिस के लिए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) का एक अहम और दूरगामी फैसला सामने आया है। डीएसपी रामगोपाल के आईपीएस (एजीएमयूटी कैडर) में प्रमोशन से जुड़े मामले में कैट, चंडीगढ़ बेंच ने चंडीगढ़ प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डीएसपी भर्ती नियमों से संबंधित गजट अधिसूचना केंद्र सरकार को 14 दिनों के भीतर भेजी जाए। इस आदेश को चंडीगढ़ पुलिस को अपने ही कैडर का आईपीएस अधिकारी मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कैट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 11 फरवरी 2026 तय की है और साफ कहा है कि उस दिन प्रशासन को यह बताना होगा कि डीएसपी पद को आईपीएस कैडर के फीडर कैडर में शामिल करने को लेकर केंद्र को क्या प्रस्ताव भेजा गया है और उस पर क्या प्रगति हुई।
केंद्र के पास कोई प्रस्ताव लंबित नहीं, फिर भी कार्रवाई शून्य
सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि गृह मंत्रालय (एमएचए) ने अपने 18 दिसंबर 2024 के पत्र में स्पष्ट किया था कि चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी पद को आईपीएस (एजीएमयूटी कैडर) के फीडर कैडर में शामिल करने संबंधी कोई प्रस्ताव फिलहाल केंद्र सरकार के पास लंबित नहीं है। एमएचए ने यह भी कहा कि किसी कैडर को शामिल या बाहर करना नीतिगत निर्णय है, जो कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है।
“जवाब दोहराए जा रहे, ठोस कदम नहीं” – कैट की सख्त टिप्पणी
कैट ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित विभाग लगातार यही दोहरा रहे हैं कि केंद्र के पास कोई मामला लंबित नहीं है, लेकिन यह नहीं बताया जा रहा कि आगे की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी लापरवाही को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देशित किया कि भर्ती नियमों से जुड़ी अधिसूचना तत्काल केंद्र को भेजी जाए।
2021 से लागू हैं नए भर्ती नियम
कैट ने यह भी दर्ज किया कि चंडीगढ़ पुलिस में डीएसपी पद के लिए नए भर्ती नियम 21 जनवरी 2021 को जारी किए गए थे और उसी दिन से लागू भी हैं। इन नियमों के आधार पर डीएसपी रामगोपाल प्रमोशन के जरिए आईपीएस कैडर में चयन के लिए पात्र हैं। नियमों के अनुसार कोई भी डीएसपी, आठ वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद प्रमोशन के लिए योग्य होता है। इसके अलावा गवर्नर के आदेशानुसार एसपी पद पर ओआरपी रैंक में प्रमोशन के लिए भी रामगोपाल पात्र बताए गए हैं।
होम सेक्रेटरी को हलफनामा दाखिल करने के निर्देश
कैट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के साथ-साथ होम सेक्रेटरी को भी निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के बाद उसकी पूरी जानकारी अगली सुनवाई से पहले सप्लीमेंट्री एफिडेविट के जरिए ट्रिब्यूनल के समक्ष रखी जाए।
2019 से लंबित, 70 से ज्यादा बार टली सुनवाई
गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2019 से ट्रिब्यूनल में लंबित है और अब तक इसमें 70 से अधिक बार सुनवाई टल चुकी है। कैट के ताजा आदेश से अब उम्मीद जताई जा रही है कि डीएसपी रामगोपाल के प्रमोशन और चंडीगढ़ पुलिस के कैडर से जुड़े इस लंबे समय से अटके विवाद का समाधान जल्द निकल सकता है।











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