June 17, 2026 1:34 pm

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हरियाणा में पहली बार रेलवे अधिकारी बने नगर निगम कमिश्नर

2015 बैच के IRPS अधिकारी विनय कुमार पंचकूला नगर निगम के नए आयुक्त
चंडीगढ़ | 28 जनवरी 2026। हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार भारतीय रेलवे के एक अधिकारी को नगर निगम के आयुक्त और प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश सरकार ने 2015 बैच के भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS) अधिकारी विनय कुमार को पंचकूला नगर निगम का आयुक्त नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें जिला म्युनिसिपल आयुक्त, पंचकूला तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) में ओएसडी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
इस संबंध में मंगलवार 27 जनवरी को प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा हस्ताक्षरित आदेश जारी किया गया। विनय कुमार इससे पहले हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) में जॉइंट सेक्रेटरी और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण में अतिरिक्त सीईओ के पद पर तैनात थे।

नगर निगम के प्रशासक होंगे विनय कुमार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के अनुसार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के हालिया आदेश के तहत अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के सदनों का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो चुका है। नए चुनाव और नव-निर्वाचित सदन की पहली बैठक तक इन तीनों नगर निगमों के आयुक्तों को प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया गया है।
इस कारण विनय कुमार आगामी कुछ महीनों तक पंचकूला नगर निगम के सर्वेसर्वा के रूप में कार्य करेंगे।
क्या कानून इसकी इजाजत देता है?
हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की मूल धारा 45(1) में पहले केवल न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा वाले आईएएस अधिकारी को ही नगर निगम आयुक्त बनाए जाने का प्रावधान था।
लेकिन अगस्त 2015 में (नवंबर 2014 से प्रभावी) विधानसभा द्वारा संशोधन कर दिया गया, जिसके अनुसार अब राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना जारी कर किसी भी “उपयुक्त अधिकारी” को नगर निगम आयुक्त नियुक्त कर सकती है।
कानून में “उपयुक्त अधिकारी” की स्पष्ट परिभाषा न होने के कारण, सरकार के पास यह अधिकार है कि वह केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी ग्रुप-ए (राजपत्रित) अधिकारी को इस पद पर तैनात कर सके। चूंकि विनय कुमार IRPS के ग्रुप-ए अधिकारी हैं, इसलिए उनकी नियुक्ति में वर्तमान कानून के तहत कोई बाधा नहीं है।
भविष्य में खड़ा हो सकता है कानूनी सवाल
हालांकि हेमंत कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि दिसंबर 2025 में हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित हरियाणा म्युनिसिपल (नगर निकाय) विधेयक, 2025 के अनुसार आगे चलकर नगर निगम आयुक्त का पद केवल आईएएस अधिकारी के लिए ही आरक्षित होगा।
जब यह नया कानून लागू होगा, तब विनय कुमार की इस पद पर तैनाती कानूनी विवाद का विषय बन सकती है।

जिला म्युनिसिपल आयुक्त पद पर भी सवाल
जहां तक विनय कुमार को जिला म्युनिसिपल आयुक्त, पंचकूला बनाए जाने का प्रश्न है, हेमंत कुमार के अनुसार हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 में वर्ष 2022 में किए गए संशोधन के तहत यह पद एक्स्ट्रा असिस्टेंट कमिश्नर से नीचे के रैंक का नहीं हो सकता।
प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में यह रैंक आमतौर पर एचसीएस या आईएएस अधिकारियों को ही दिया जाता रहा है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि क्या IRPS अधिकारी को एक्स्ट्रा असिस्टेंट कमिश्नर के समकक्ष माना जा सकता है या नहीं।

ऐतिहासिक लेकिन विवादास्पद नियुक्ति
कुल मिलाकर, विनय कुमार की नियुक्ति जहां हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय है, वहीं आने वाले समय में यह कानूनी और संवैधानिक बहस का कारण भी बन सकती है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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