June 15, 2026 3:08 pm

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HARYANA: NH-44 पर सीसीटीवी निगरानी का असर: एक वर्ष में सख्त प्रवर्तन से यातायात अनुशासन में बड़ा सुधार

तकनीक आधारित निगरानी से बदली सड़क संस्कृति, चालानों में आई उल्लेखनीय गिरावट

चंडीगढ़, 29 जनवरी। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर हरियाणा पुलिस द्वारा लागू की गई सीसीटीवी और एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) परियोजना ने एक वर्ष के भीतर यातायात अनुशासन, सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। तकनीक आधारित इस निगरानी प्रणाली से न केवल यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त नियंत्रण स्थापित हुआ है, बल्कि आमजन में नियमों के प्रति जागरूकता भी स्पष्ट रूप से बढ़ी है।

एक वर्ष में रिकॉर्ड ऑनलाइन चालान, सख्त प्रवर्तन का असर
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान एनएच-44 पर एएनपीआर कैमरों के माध्यम से कुल 4,84,617 ऑनलाइन चालान जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि: ओवर-स्पीडिंग के कुल 6,64,054 चालान किए गए
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर 12,126 चालान काटे गए
वर्ष 2024 में मोबाइल फोन से जुड़े चालानों की संख्या मात्र 6,733 थी
इन सख्त कार्रवाइयों से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
यातायात नियमों के प्रति बढ़ती जागरूकता का स्पष्ट संकेत
डीजीपी ने बताया कि परियोजना के प्रारंभिक चरण में फरवरी–मार्च 2025 के दौरान औसतन 50,000 ऑनलाइन चालान प्रति माह किए जा रहे थे।
हालांकि, निरंतर सख्त प्रवर्तन, तकनीक आधारित निगरानी और जन-जागरूकता अभियानों के सकारात्मक प्रभाव से अब यह संख्या घटकर औसतन 30,000 चालान प्रति माह रह गई है।
➡️ प्रति माह लगभग 20,000 चालानों की कमी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लोग अब स्वेच्छा से यातायात नियमों का पालन कर रहे हैं।
अपराध नियंत्रण में भी परियोजना की अहम भूमिका
सीसीटीवी परियोजना ने अपराध नियंत्रण में भी प्रभावी भूमिका निभाई है।
केंद्रीय नियंत्रण कक्ष की मदद से:
चोरी, डकैती और झपटमारी के 38 मामलों का सफल खुलासा
50 संदिग्ध वाहनों के अलर्ट संबंधित जिलों को भेजे गए
इनमें से 5 वाहनों को समय रहते पकड़ लिया गया
इससे अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।
परियोजना की शुरुआत और कैमरों की व्यापक तैनाती
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक एवं हाइवे) हरदीप दून ने बताया कि यह परियोजना 25 जनवरी 2025 को करनाल स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से शुरू की गई थी।
इसके तहत:
कुंडली बॉर्डर (सोनीपत) से शंभू बॉर्डर (अंबाला) तक
कुल 128 अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए
72 एएनपीआर कैमरे
18 एविडेंस कैमरे
38 सर्विलांस कैमरे
इन सभी कैमरों को हरियाणा पुलिस के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से जोड़ा गया है।
तकनीक और मानव संसाधन का सशक्त समन्वय
इस परियोजना की सफलता के पीछे:
एआई आधारित उच्च सटीकता वाले कैमरे
मजबूत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर
करनाल स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में 24×7 कार्यरत प्रशिक्षित पुलिस व तकनीकी टीम
की अहम भूमिका रही है।
कैशलैस उपचार योजना से दुर्घटना पीड़ितों को बड़ी राहत
डीजीपी ने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए लागू कैशलैस उपचार योजना के अंतर्गत अब तक:
4,181 व्यक्तियों को
1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज
उपलब्ध कराया गया है।
‘गोल्डन आवर’ में जीवन रक्षा की यह योजना पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अनुबंधित अस्पतालों के बेहतर समन्वय का सफल उदाहरण है।

डीजीपी की आमजन से अपील
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने वाहन चालकों से:
निर्धारित गति सीमा का पालन
लेन ड्राइविंग
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने
हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग
की अपील की।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस तकनीक के माध्यम से यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, लेकिन इन प्रयासों की वास्तविक सफलता नागरिकों के सहयोग से ही संभव है। थोड़ी सी सावधानी न केवल अपना जीवन बचाती है, बल्कि दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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