चंडीगढ़, 31 जनवरी। आज शनिवार, 31 जनवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि पर भगवान शिव और कामदेव का शासन माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन नई किताबें लिखने, कर्मकांड, नृत्य एवं रचनात्मक कार्यों के लिए शुभ माना गया है। आज रवि योग का भी संयोग बन रहा है, जिससे दिन का महत्व और बढ़ गया है।
31 जनवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : माघ
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : त्रयोदशी
दिन : शनिवार
योग : विष्कुंभ
नक्षत्र : पुनर्वसु
करण : तैतिल
चंद्र राशि : मिथुन
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:11 बजे
सूर्यास्त : शाम 05:58 बजे
चंद्रोदय : शाम 04:16 बजे
चंद्रास्त : सुबह 06:45 बजे (1 फरवरी)
राहुकाल : 09:53 से 11:14 बजे
यमगंड : 13:55 से 15:16 बजे
नया वाहन खरीदने के लिए शुभ नक्षत्र
आज चंद्रमा मिथुन राशि में और पुनर्वसु नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। यह नक्षत्र मिथुन राशि में 20:00 बजे से लेकर कर्क राशि के 03:20 बजे तक फैला हुआ है। पुनर्वसु नक्षत्र की अधिष्ठात्री देवी अदिति हैं और इसके स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं।
ज्योतिष के अनुसार यह नक्षत्र नया वाहन खरीदने, वाहन की सर्विसिंग कराने, यात्रा, पूजा-पाठ और शुभ आरंभ के लिए अनुकूल माना जाता है। यह एक तेज, गतिशील और अस्थायी प्रकृति का नक्षत्र है, जिसमें बागवानी, जुलूस में भाग लेना और मित्रों से मुलाकात जैसे कार्य भी किए जा सकते हैं।
आज के दिन का वर्जित समय
आज सुबह 09:53 बजे से 11:14 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम काल में भी नए और मांगलिक कार्यों को टालना ही बेहतर माना गया है











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