आपका शहर, आपकी आवाज़” थीम पर जनता दरबार
चंडीगढ़, 2 फरवरी। सहभागी और जन-केंद्रित शासन को मजबूती देते हुए चंडीगढ़ नगर निगम ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय में “आपका शहर, आपकी आवाज़” थीम पर जनता दरबार का आयोजन किया। जनता दरबार की अध्यक्षता नगर महापौर सौरभ जोशी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार (आईएएस), विशेष आयुक्त प्रदीप कुमार (आईएएस), संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता और डॉ. इंदर जीत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति से कई मामलों में मौके पर ही निर्णय लिए गए और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
महापौर सौरभ जोशी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए निवासियों, बाजार संघों, श्रमिक संगठनों, स्ट्रीट वेंडरों, दुकानदारों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की शिकायतें व्यक्तिगत रूप से सुनीं। उन्होंने प्रत्येक मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दरबार में प्रमुख रूप से सीवरेज और जल निकासी की समस्याएं, स्ट्रीट वेंडरों के शुल्क व जुर्माने में छूट, ई-रिक्शा स्टैंड निर्माण, शौचालय और पेयजल व्यवस्था, आवंटन व व्यापार नीतियों में संशोधन, भिखारियों के लिए आश्रय गृह, छोटे फ्लैटों से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं, पार्कों और हरित क्षेत्रों के रखरखाव, अवैध बिक्री की शिकायतें, आवासीय संपत्तियों की सील हटाने, सेवा संबंधी विवाद, बाजारों में दुकानदारों की समस्याएं, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी से जुड़े मुद्दे, जलभराव, स्वच्छता, खराब सड़कों, कर्मचारियों के वेतन में असमानता, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवास समितियों की समस्याएं तथा परिधीय क्षेत्रों में स्थायी सीवरेज कनेक्शन की मांग प्रमुख रही।

सभा को संबोधित करते हुए महापौर सौरभ जोशी ने कहा कि जनता दरबार केवल शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है। उन्होंने कहा, “हर नागरिक को सम्मानपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है। जनता दरबार के माध्यम से लोगों की आवाज़ सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचती है और समस्याओं का समाधान जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाता है।”
महापौर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक कल्याण नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अंत में नगर निगम चंडीगढ़ ने पारदर्शी, उत्तरदायी और समावेशी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों से ऐसे मंचों में सक्रिय भागीदारी कर स्वच्छ, सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल चंडीगढ़ के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।











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