August 6, 2026 7:48 am

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हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से, मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और महिला स्वास्थ्य पर विशेष फोकस के निर्देश
चंडीगढ़, 2 फरवरी 2026:। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य विधानसभा के आगामी बजट सत्र को 20 फरवरी 2026 से प्रारंभ करने पर सहमति बनी। बैठक में सत्र की तैयारियों और विधायी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर चर्चा की गई।
इसी क्रम में, हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के लिए व्यापक और समावेशी स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

अस्पताल सुरक्षा पर विशेष जोर
देश के विभिन्न हिस्सों में हाल की अस्पताल अग्निकांड घटनाओं को देखते हुए डॉ. मिश्रा ने अस्पताल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपायुक्तों और सिविल सर्जनों को अस्पतालों में बिजली की वायरिंग, पावर पैनल और विद्युत उपकरणों का व्यापक निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
आग से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, निवारक जांच और समय पर रखरखाव को अनिवार्य किया गया।

अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए धनराशि
डॉ. मिश्रा ने आश्वासन दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और जिला अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें बुनियादी ढांचे, सुरक्षा तंत्र और रोगी देखभाल सुविधाओं को उन्नत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन में सख्ती
समीक्षा बैठक में बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन प्रणाली की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को कचरे के अलगाव, संग्रह और वैज्ञानिक निपटान के निर्धारित मानदंडों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि कचरा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और इसके लिए नियमित निगरानी, उचित दस्तावेज़ीकरण तथा अधिकृत एजेंसियों के साथ समन्वय आवश्यक है।
अस्पताल कल्याण कोष का पारदर्शी उपयोग
रोगी कल्याण के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल कल्याण कोष का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ और केवल उसके निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाए। इसके लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) तैयार कर उनका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि खर्च का सीधा लाभ मरीजों को मिले।

महिला स्वास्थ्य के लिए समग्र दृष्टिकोण
डॉ. मिश्रा ने कहा कि महिला स्वास्थ्य नीतियां केवल मातृत्व तक सीमित न रहें, बल्कि सभी आयु वर्ग की महिलाओं की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को समाहित करें। इसमें निवारक देखभाल, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हों।
उन्होंने सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, एनीमिया और ऑस्टियोपोरोसिस की स्क्रीनिंग को मजबूत करने, रजोनिवृत्ति प्रबंधन और परामर्श सेवाओं को महिला स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा बनाने के निर्देश दिए।
मासिक धर्म स्वच्छता और नवजात देखभाल
मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन पर जोर देते हुए डॉ. मिश्रा ने जागरूकता बढ़ाने, स्वच्छता उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इसे नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल करने का आह्वान किया।
साथ ही, शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए नवजात गहन देखभाल इकाइयों (NICU) और नवजात शिशु देखभाल सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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