April 6, 2026 10:40 am

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CHANDIGARH: रायपुर कलां में बनेगा चंडीगढ़ का पहला रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, मिलेगा पक्का लाइसेंस

चंडीगढ़ | चंडीगढ़ प्रशासन रायपुर कलां में करीब चार एकड़ क्षेत्र में शहर का पहला सरकारी रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) स्थापित करने जा रहा है। यह चंडीगढ़ का पहला ऐसा सरकारी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर होगा, जहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जो रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) में मान्य होगा। इस प्रमाणपत्र के आधार पर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना पड़ेगा।
फिलहाल चंडीगढ़ में ड्राइविंग ट्रेनिंग का कार्य केवल निजी संस्थानों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन के इस कदम से अब लोगों को सरकारी स्तर पर मानकीकृत और सुरक्षित प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।

टाटा-महिंद्रा समेत नामी कंपनियों को ईओआई
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए चंडीगढ़ परिवहन विभाग ने टाटा और महिंद्रा जैसी नामी कंपनियों को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है। जो भी कंपनी चंडीगढ़ में रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और इसे ऑपरेट करने की इच्छुक है, वह 27 फरवरी तक अपना ईओआई स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सेक्रेटरी के पास जमा कर सकती है।
ईओआई प्राप्त होने के बाद कंपनियों से प्रेजेंटेशन ली जाएगी और साइट विजिट कराई जाएगी। इसके बाद किसी एक कंपनी को फाइनल किया जाएगा, जो सेंटर के निर्माण के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा सेंटर
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सेक्रेटरी अमित कुमार ने बताया कि आरडीटीसी में आधुनिक ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स, स्पेशल ड्राइविंग ट्रैक, सिमुलेटर, क्लासरूम और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां पेशेवर ड्राइवर प्रशिक्षण, मोटर वाहन संचालन, तकनीकी जानकारी और वाहन रखरखाव से जुड़ी आधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह सेंटर न केवल नए ड्राइवरों को प्रशिक्षित करेगा, बल्कि पहले से कार्यरत ड्राइवरों और प्रशिक्षकों को भी सड़क सुरक्षा मानकों और नए ट्रैफिक नियमों से अवगत कराएगा।

29 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग
आरडीटीसी से प्रशिक्षण लेने वाले व्यक्ति को कम से कम एक महीने की ट्रेनिंग लेनी होगी। इसमें कुल 29 घंटे का कोर्स अनिवार्य किया गया है।

8 घंटे ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा से संबंधित सैद्धांतिक (थ्योरी) प्रशिक्षण
21 घंटे व्यावहारिक ड्राइविंग स्किल्स की ट्रेनिंग
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जो आरएलए से मान्यता प्राप्त होगा।
कार, बस और ट्रक ड्राइवरों को मिलेगा प्रशिक्षण
इस रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) और हेवी मोटर व्हीकल (एचएमवी) यानी कार, बस और ट्रक चलाने वाले ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ-साथ आम जनता भी यहां ड्राइविंग सीख सकेगी।
प्रशासन के अधीन विभिन्न विभागों में नियुक्त किए जाने वाले ड्राइवरों के लिए भी यहां से प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस सेंटर के माध्यम से कुशल ड्राइवर तैयार होंगे, जिससे सड़क हादसों और दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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