August 5, 2026 5:26 am

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पंचकूला के लिए गौरव का क्षण: असम में ब्रह्मपुत्र पर बना ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’, पंचकूला की कंपनी की ऐतिहासिक भूमिका

पंचकूला/गुवाहाटी। पंचकूला के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है, जब पूर्वोत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में पंचकूला की कंपनी ने अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्मित भव्य कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन कर राज्य को ₹3,030 करोड़ की बड़ी सौगात दी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण में पंचकूला स्थित एसपीएस कंस्ट्रक्शन इंडिया ने अहम भूमिका निभाई है।
यह सेतु असम की जीवनरेखा कही जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाया गया है और यह गुवाहाटी तथा नॉर्थ गुवाहाटी को आपस में जोड़ता है। इसके शुरू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और आम लोगों को तेज़, सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

कंपनी के डायरेक्टर रोहित सिंगल ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना उनके लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पंचकूला की एक कंपनी द्वारा पूर्वोत्तर भारत की इतनी बड़ी और तकनीकी रूप से जटिल परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करना न केवल हरियाणा बल्कि विशेष रूप से पंचकूला के लिए सम्मान की बात है।

₹3,030 करोड़ की परियोजना, नॉर्थईस्ट का पहला एक्सट्राडोज़्ड पुल
करीब ₹3,030 करोड़ की लागत से निर्मित यह 6-लेन एक्सट्राडोज़्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल नॉर्थईस्ट इंडिया का पहला एक्सट्राडोज़्ड पुल है। इसके चालू होने से गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा समय में लगभग 7 मिनट की कमी आएगी, जिससे रोज़ाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानक
असम के भूकंपीय क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए इस सेतु में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग के जरिए बेस आइसोलेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है, ताकि भूकंप की स्थिति में संरचना सुरक्षित रह सके। लंबे समय तक मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल लगाए गए हैं।
इसके साथ ही पुल पर ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) भी स्थापित किया गया है, जो रियल-टाइम कंडीशन मॉनिटरिंग, संभावित क्षति की समय रहते पहचान और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगा।

पंचकूला के लिए सम्मान, पूर्वोत्तर के लिए विकास
काबिले ज़िक्र है कि प्रधानमंत्री द्वारा असम को दी गई ₹3,030 करोड़ की सौगात में पंचकूला की भागीदारी क्षेत्र के लिए सम्मान और उपलब्धि का प्रतीक है। यह सेतु न केवल बुनियादी ढांचे को सशक्त करेगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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