June 17, 2026 1:33 pm

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पंचकूला में अधिवक्ताओं की अहम बैठक: सांसद वरुण मुल्लाना से लंबित मुद्दों पर चर्चा

पंचकूला | 17 फरवरी 2026: पंचकूला में अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें माननीय सांसद एवं संसदीय समिति (कानून एवं न्याय) के सदस्य Varun Mullana शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा के पूर्व चेयरमैन Randhir Singh Badhran ने की।

 

1.40 लाख से अधिक अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठे

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बधरान के नेतृत्व में तथा सॉलिसिटर Sukhvinder Singh Nara के साथ सांसद से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने तीनों क्षेत्रों के 1.40 लाख से अधिक अधिवक्ताओं से जुड़े लंबे समय से लंबित और गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

 

एडवोकेट्स वेलफेयर फंड से वंचित होने का मुद्दा

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए संयुक्त बार काउंसिल और संयुक्त उच्च न्यायालय होने के कारण यहां के अधिवक्ता एडवोकेट्स वेलफेयर फंड अधिनियम, 2001 के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित हैं।

इस संरचनात्मक विसंगति के कारण अधिवक्ताओं को वजीफा (स्टाइपेंड), पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जबकि देश के कई अन्य राज्यों में ये सुविधाएं राज्य सरकारों द्वारा वार्षिक बजट से प्रदान की जाती हैं।

 

2025 की पहल का किया गया स्मरण

रणधीर सिंह बधरान ने बताया कि वर्ष 2025 में भी इसी विषय पर प्रतिनिधिमंडल ने सांसद वरुण मुल्लाना से मुलाकात की थी। इसके बाद सांसद ने संसद में हरियाणा के लिए अलग बार काउंसिल और अलग उच्च न्यायालय की मांग उठाई थी। प्रतिनिधिमंडल ने अधिवक्ताओं के हित में उनके निरंतर समर्थन के लिए आभार जताया।

यह हमारा वैधानिक और संवैधानिक अधिकार”

बैठक में शामिल अधिवक्ता Ravi Kant, Krishan Sharma, Yadvinder Sheoran सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने एकमत से कहा कि वजीफा, पेंशन और चिकित्सा सुविधा अधिवक्ताओं का वैधानिक व संवैधानिक अधिकार है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं को इनसे वंचित रखना घोर भेदभाव और अन्याय है।

सांसद का आश्वासन

माननीय सांसद वरुण मुल्लाना ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को संसद और सरकार के स्तर पर गंभीरता से उठाएंगे, ताकि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं को उनका न्यायोचित अधिकार और वैधानिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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