चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल असीम कुमार घोष ने 15वीं हरियाणा विधानसभा के दूसरे बजट सत्र की शुरुआत करते हुए सरकार की उपलब्धियों, नीतिगत प्राथमिकताओं और भविष्य की विकास योजनाओं का विस्तृत खाका सदन के समक्ष रखा। उन्होंने सभी माननीय सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश के हर वर्ग का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना ही सच्ची देशभक्ति तथा “वंदे मातरम” की वास्तविक अभिव्यक्ति है।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में हरियाणा को वर्ष 2047 तक एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए “हरियाणा विजन डॉक्युमेंट 2047” को राज्य के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट बताया। उन्होंने कहा कि अंत्योदय दर्शन सरकार की संवेदनशील शासन व्यवस्था की नैतिक प्रतिबद्धता है, जिसके माध्यम से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं पर फोकस
राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन अब एक्टिव मोड में दी जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को हर महीने 3200 रुपये की पेंशन प्रदान की जा रही है।
प्रदेश में “दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना” को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 56 हजार से अधिक मकानों का निर्माण किया गया है, जिससे गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध हुआ है।
किसानों के लिए बहुआयामी रणनीति
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उनके जोखिम को कम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं। पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती की दिशा में हरियाणा ने देश के लिए नई मिसाल कायम की है।
महिला सशक्तिकरण और युवा नीति
सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। महिला सशक्तिकरण को राज्य की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता लाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
शिक्षा और कानून व्यवस्था
राज्यपाल ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कानून व्यवस्था को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि 1 जुलाई 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक पंजीकृत मामलों में सजा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है।
बुनियादी ढांचे का विस्तार
सरकार ने सड़कों, परिवहन, शहरी सुविधाओं और डिजिटल ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है। वर्ष 2025-26 के दौरान 6030 किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत सफलतापूर्वक पूरी की गई।
11607 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
निर्यात और आर्थिक उपलब्धियां
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थल बनकर उभरा है। वर्ष 2023-24 में राज्य का कुल निर्यात 2.75 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच गया। वर्ष 2024-25 में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 1,61,707 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
जनवरी तक इस वित्तीय वर्ष में राज्य जीएसटी वृद्धि के मामले में हरियाणा देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में 7.34 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हरियाणा पांचवें स्थान पर है। राज्य राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में 3.8 प्रतिशत का प्रभावी योगदान दे रहा है।
ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाएं
राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण विकास को केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सम्मानजनक जीवन स्तर को लक्ष्य बनाया है।
महाग्राम योजना के तहत 19 गांवों में परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 43 गांवों में कार्य प्रगति पर है। गांवों में 983 अटल लाइब्रेरी, 415 इनडोर जिम और 616 महिला सांस्कृतिक केंद्र बनाए गए हैं।
इस वित्त वर्ष में अब तक 963 करोड़ 40 लाख रुपये की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। नगर निगम सीमाओं के भीतर 858 अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमितीकरण के लिए अधिसूचित किया गया है।
बिजली, जल और स्वास्थ्य
राज्यपाल ने कहा कि सरकार हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2020-21 से अब तक 223 नए सबस्टेशन बनाए गए हैं।
म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत 6019 गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
कुरुक्षेत्र में सिख गुरुओं को समर्पित एक सिख म्यूजियम और मेमोरियल के लिए 5 एकड़ भूमि स्वीकृत की गई है।
सदन से सहयोग का आह्वान
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अपने अभिभाषण के अंत में सभी सदस्यों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हरियाणा के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास, पारदर्शी शासन और हर वर्ग के उत्थान के माध्यम से हरियाणा को राष्ट्रीय विकास की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करना है।











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