काबुल/इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी एयर फोर्स ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक धार्मिक मदरसे को निशाना बनाते हुए हवाई हमला किया। स्थानीय मीडिया संस्था TOLO News ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी कई हवाई हमले किए गए।
अफगान सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 20 लोग हताहत हुए हैं।
कई जिलों में कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार से पक्तिका के बरमल और अरगुन जिलों के अलावा नंगरहार के खोगयानी, बहसोद और घनी खेल इलाकों में भी हवाई हमले किए गए। पाकिस्तानी मीडिया सूत्रों ने भी इस्लामाबाद द्वारा हवाई कार्रवाई की पुष्टि की है, हालांकि उनका दावा है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सक्रिय कथित आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर की गई।
पाकिस्तानी मीडिया समूह Geo News ने सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि हमलों में फितना अल ख्वारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खोरासान प्रांत (DKP) के सात कैंपों और ठिकानों को टारगेट किया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि यह कार्रवाई रमजान के दौरान इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों के जवाब में की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और दाएश से जुड़े तत्वों ने ली थी। पाकिस्तान का आरोप है कि इन हमलों के पीछे अफगानिस्तान स्थित नेतृत्व और हैंडलर्स का हाथ था।
दोहा समझौते का हवाला
पाकिस्तान ने कहा है कि उसने कई बार अफगान तालिबान सरकार से आतंकवादी समूहों को अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ न करने देने की अपील की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया है कि वह दोहा समझौते के तहत अफगान अधिकारियों पर अपने वादों को पूरा करने के लिए दबाव बनाए।
पाकिस्तानी अखबार Dawn के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी विकल्प खुले रखेगा। उन्होंने कहा, “जब तक हमारी यह मांग पूरी नहीं होती कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद के लिए न हो, तब तक हम धैर्य रखते हुए सभी विकल्पों पर विचार करेंगे।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठे सवाल
इस्लामाबाद के दावों के बावजूद, पाकिस्तान पर लंबे समय से विभिन्न आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप लगते रहे हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच भी होती रही है। ताजा हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में और तल्खी आने की आशंका जताई जा रही











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