April 7, 2026 5:09 pm

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हिसार एयरपोर्ट को आईएफआर मंजूरी, अब रात में भी उतरेंगे-उड़ेंगे विमान

हिसार: हरियाणा के महाराजा अग्रसेन हिसार एयरपोर्ट ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने एयरपोर्ट को इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) के तहत संचालन की मंजूरी दे दी है। इस अनुमति के साथ अब हिसार एयरपोर्ट पर रात के समय भी हवाई जहाजों की लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सकेगा। इसे एयरपोर्ट को 24 घंटे संचालन योग्य बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

इंटरनेशनल हब बनने की तैयारी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अनुसार, महाराजा अग्रसेन हिसार एयरपोर्ट को अगले वर्ष तक अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके बाद यहां से घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन भी शुरू किया जा सकेगा। इससे हरियाणा के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

1200 मीटर दृश्यता में भी संभव उड़ान
आईएफआर प्रणाली लागू होने के बाद अब खराब मौसम और कम दृश्यता में भी उड़ानों का संचालन किया जा सकेगा।
पहले वीएफआर (विजुअल फ्लाइट रूल्स) प्रणाली के तहत न्यूनतम 5000 मीटर दृश्यता आवश्यक थी।
अब आईएफआर के तहत केवल 1200 मीटर दृश्यता में भी विमान संचालन संभव होगा।
इससे कोहरे, धुंध या रात के समय भी हवाई सेवाएं बाधित नहीं होंगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

नई उड़ानें जल्द शुरू होने की संभावना
एयरपोर्ट से जल्द ही अहमदाबाद और जम्मू के लिए नई उड़ानें शुरू होने की संभावना है। वर्तमान में यहां से चंडीगढ़, जयपुर, अयोध्या और दिल्ली के लिए नियमित उड़ान सेवाएं संचालित हो रही हैं।
12 सितंबर 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार से जयपुर के लिए उड़ान सेवा का शुभारंभ किया था, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिली।

दूसरी हवाई पट्टी 2027-28 तक
एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य लगातार जारी है। तीसरे चरण के तहत वर्ष 2027-28 तक दूसरी हवाई पट्टी का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग से अतिरिक्त भूमि की मांग की है। नई रनवे बनने के बाद बड़े विमानों की आवाजाही और यातायात प्रबंधन और अधिक सुगम व सुरक्षित हो सकेगा।

डीजीसीए निरीक्षण के बाद मिली मंजूरी
6-7 नवंबर 2025 को डीजीसीए की टीम ने एयरपोर्ट का विस्तृत निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कुछ तकनीकी आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इसके बाद एएआई और हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग ने समन्वय कर सभी कमियों को दूर किया। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद डीजीसीए ने आईएफआर लाइसेंस जारी कर दिया।

आईएफआर और वीएफआर में अंतर
आईएफआर तकनीक में विमान संचालन एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सख्त नियंत्रण में किया जाता है, जिससे कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम में भी सुरक्षित उड़ान संभव होती है।
वहीं वीएफआर तकनीक केवल साफ मौसम और आंखों से स्पष्ट दृश्यता की स्थिति में ही कमर्शियल फ्लाइट संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
आईएफआर मंजूरी के साथ हिसार एयरपोर्ट ने हरियाणा की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। आने वाले समय में इसे प्रदेश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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