April 5, 2026 12:40 pm

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कैथल पुलिस का बड़ा एक्शन: हेड कांस्टेबल सुनील संधू बर्खास्त, डीएसपी पर लगाए आरोप पाए गए निराधार

सोशल मीडिया पोस्ट, सेवा नियमों के उल्लंघन और जांच प्रभावित करने के आरोप में कार्रवाई
कैथल, 28 फरवरी। जिले के पुलिस विभाग में चल रहे चर्चित विवाद पर बड़ा फैसला लेते हुए नशा मुक्ति टीम के हेड कांस्टेबल सुनील संधू को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक उपासना सिंह ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि कलायत के डीएसपी ललित यादव पर संधू द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप जांच में निराधार पाए गए हैं। साथ ही, सोशल मीडिया के माध्यम से विभागीय प्रक्रिया को प्रभावित करने और पुलिस की छवि धूमिल करने के प्रमाण भी सामने आए हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट बनी विवाद की जड़
मामले की शुरुआत 23 फरवरी को की गई एक फेसबुक पोस्ट से हुई, जिसमें संधू ने आरोप लगाया था कि डीएसपी ललित यादव ने उन्हें झूठे नशा तस्करी केस में फंसाने की धमकी दी है। पोस्ट वायरल होते ही पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए और गुहला के डीएसपी कुलदीप बेनीवाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
जांच के दौरान संधू द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो और बयान जारी किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। विभाग का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई और पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा।

एनडीपीएस एक्ट की प्रक्रिया में लापरवाही
एसपी उपासना सिंह के अनुसार, 16 फरवरी को सिटी थाना क्षेत्र में हुई एक रेड के दौरान एनडीपीएस एक्ट की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार तलाशी राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस चूक के कारण केस कमजोर हो गया और कार्रवाई निष्प्रभावी हो गई।
विभागीय जांच में इस लापरवाही की जिम्मेदारी नशा मुक्ति टीम के हेड कांस्टेबल सुनील संधू पर तय की गई। दो दिन पहले उन्हें सहित टीम के नौ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।

अनुशासनहीनता और सेवा नियमों का उल्लंघन
एसपी ने बताया कि संधू ड्यूटी के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई से जुड़े वीडियो अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते थे, जो सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। विभाग के आधिकारिक प्लेटफॉर्म मौजूद होने के बावजूद निजी प्रचार के उद्देश्य से पोस्ट करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि संधू ने भूख हड़ताल और साथियों को बुलाने जैसे बयान देकर दबाव बनाने की कोशिश की, जिससे पुलिस विभाग के अनुशासन और सामाजिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा उत्पन्न हुआ।

संविधान और पुलिस नियमावली के तहत कार्रवाई
एसपी उपासना सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस नियमावली के नियम 14.8, 14.44 और 16.2 (1) का उल्लंघन पाया गया है। संधू का आचरण घोर दुराचार, अवज्ञा और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
इन परिस्थितियों में विभागीय अनुशासन और समाज की शांति बनाए रखने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया है।

विवाद के बाद बिगड़ी तबीयत
सूत्रों के अनुसार, विवाद के बाद संधू की तबीयत बिगड़ गई और वे फिलहाल कैथल के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन बताए जा रहे हैं।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी की गरिमा और सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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