2.60 लाख करोड़ का ‘गारंटियां पूरी’ बजट पेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे पर बड़ा फोकस;
महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2,60,437 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए “मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना” शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह योजना आम आदमी पार्टी द्वारा चुनाव के दौरान दिया गया सबसे बड़ा वादा था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने इस बजट को “सारी गारंटियां पूरी करने वाला बजट” बताया है।

महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि “मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना” के तहत राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को लाभ मिलेगा। योजना के तहत दी जाने वाली राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
सरकार ने इस योजना के लिए बजट में लगभग 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे लाखों महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सरकार के अनुसार यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे घरेलू खर्चों में मदद मिलेगी और महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।
मुफ्त बस यात्रा और आंगनवाड़ी पर भी जोर
पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए पहले से चल रही मुफ्त बस यात्रा योजना को भी जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए बजट में 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा राज्य के 27,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने के लिए 932 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह राशि बच्चों और महिलाओं के पोषण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने के लिए खर्च की जाएगी।
किशोरियों और जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए “नई दिशा योजना” के तहत 65 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
2.60 लाख करोड़ का बजट, 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का अनुमान
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब का कुल बजट आकार 2,60,437 करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार ने राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) लगभग 9,80,635 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है, जो लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
सरकार के अनुसार राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और वित्तीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 1,26,190 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसमें केंद्र से मिलने वाले हिस्से और राज्य के अपने संसाधनों से होने वाली आय शामिल है।
शिक्षा क्षेत्र में “शिक्षा क्रांति 2.0”
पंजाब सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है।
सरकार ने “शिक्षा क्रांति 2.0” पहल की घोषणा की है, जिसके तहत विश्व बैंक के सहयोग से 3,500 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा।
इस योजना के तहत स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। स्कूलों में चारदीवारी, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था और सफेदी अभियान जैसे कार्य किए जाएंगे।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरैक्टिव पैनल लगाए जाएंगे, जिसके लिए 395 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके साथ ही राज्य के लगभग 7.35 लाख विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि उन्हें भविष्य की पढ़ाई और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों को ग्रांट-इन-एड के रूप में 1,760 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
तकनीकी शिक्षा के लिए 569 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य की जेलों में कैदियों को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए 11 जेलों में आईटीआई स्थापित किए जाएंगे।
सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 6,879 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में 6,879 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राज्य के लगभग 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाली मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
सरकार ने बताया कि राज्य में पहले से 881 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं। अब 143 नए क्लीनिक खोले जाएंगे और 308 स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा। इससे कुल क्लीनिकों की संख्या बढ़कर 1,432 हो जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए 1,220 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश
पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
किसानों को मुफ्त बिजली देने के लिए 7,715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) और मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चलाई जाएंगी। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मशीनरी पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के सहयोग से 1,300 करोड़ रुपये की बागवानी परियोजना भी शुरू की जाएगी, जिसका लक्ष्य 2035 तक बागवानी क्षेत्र को 300 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
ग्रामीण और शहरी विकास पर बड़ा खर्च
सरकार ने ग्रामीण सड़कों के आधुनिकीकरण के लिए 7,606 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इससे लगभग 19,876 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों को बेहतर बनाया जाएगा।
मनरेगा के लिए 1,500 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख घर बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शहरी विकास के लिए 7,257 करोड़ रुपये और नगर विकास फंड के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
उद्योग और रोजगार पर ध्यान
पंजाब सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिए 2,805 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
सरकार के अनुसार वर्ष 2025 में पंजाब को लगभग 55,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है।
सरकार का कहना है कि वर्ष 2022 से अब तक 63,943 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
रोजगार सृजन से संबंधित योजनाओं के लिए 287 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नशे के खिलाफ अभियान और सुरक्षा
गृह, न्याय और जेल विभाग के लिए 11,577 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
जेलों में एआई आधारित निगरानी और जैमर सिस्टम लगाने के लिए 535 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा राज्य में ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया जा सके।
युवाओं और खेल के लिए बड़ा निवेश
युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए सरकार ने 1,791 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
इसके तहत गांवों में 6,000 नए खेल मैदान बनाए जाएंगे और 5,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी।
सामाजिक कल्याण योजनाओं पर जोर
सरकार ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए 18,304 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
“मेरी रसोई” योजना के तहत लगभग 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट देने के लिए 900 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
अनुसूचित जाति उप-योजना के लिए 17,700 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
वित्तीय स्थिति मजबूत करने का दावा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य का कर्ज-से-जीएसडीपी अनुपात 48.25 प्रतिशत से घटकर 44.47 प्रतिशत तक आने का अनुमान है।
पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 18,381 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण के बीच संतुलन बनाते हुए पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
अपने बजट भाषण के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह बजट पंजाब को विकास के नए रास्ते पर आगे ले जाएगा।
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