चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह तीन विवादित कृषि कानूनों से भी अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
पंजाब विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारत का बाजार खोलना पंजाब समेत पूरे देश के किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता लागू हुआ तो भारतीय किसानों के लिए अमेरिकी उत्पादों से मुकाबला करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के कृषि बाजार को अमेरिका के लिए खोलना देश को विदेशी ताकतों के रहमो-करम पर छोड़ने जैसा होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि अमेरिका भारत से अपनी शर्तें मनवा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि क्या भारत के फैसले अब The White House के प्रभाव में लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते को लेकर राज्यों से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित राज्यों से चर्चा किए बिना इस तरह का समझौता करना संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
अमेरिकी उत्पादों से किसानों पर पड़ेगा असर
मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने कहा कि अगर अमेरिकी सोयाबीन, मक्का, कपास और अन्य कृषि उत्पाद भारत में सस्ते दामों पर बिकने लगेंगे तो भारतीय किसान उनसे प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। इससे पंजाब में फसल विविधीकरण के प्रयासों को भी झटका लग सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में औसत किसान के पास करीब 500 एकड़ जमीन होती है और वहां किसानों को भारत की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक सब्सिडी मिलती है, जबकि पंजाब के अधिकांश किसानों के पास दो से ढाई एकड़ जमीन ही होती है। ऐसे में अमेरिकी उत्पादों से मुकाबला करना बेहद कठिन होगा।
बीज पर भी बढ़ सकता है कंपनियों का नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने यह भी आशंका जताई कि बौद्धिक संपदा से जुड़े प्रावधानों के कारण किसान अगले सीजन के लिए बीज नहीं बचा सकेंगे। बीज पेटेंट के दायरे में आ जाएंगे और किसानों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों से बीज खरीदने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गैर-शुल्क शर्तों में ढील देने से जीएमओ सामग्री, नए कीटों और खतरनाक खरपतवारों के प्रवेश का खतरा भी बढ़ सकता है, जो कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए नुकसानदायक होगा।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के ग्रामीण विकास फंड (RDF), जीएसटी और National Health Mission से जुड़े फंड अब तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम किसान आंदोलन का बदला लेने जैसा है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि देश को “विश्व गुरु” बनाने की बात कही जाती है, लेकिन नीतियां ऐसी बन रही हैं जिससे भारत “विश्व चेला” बनने की दिशा में जा रहा है।
विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पारित
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संभावित खतरों को देखते हुए Punjab Legislative Assembly ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
उन्होंने किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं और देश के कृषि क्षेत्र की रक्षा के लिए आगे आएं।











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