तेहरान: ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। सीएनएन ने ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स के हवाले से बताया है कि अब तक कम से कम 544 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों ने हताहतों की संख्या और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित कठोर कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है।
महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, देशभर में फैली अशांति
विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन जल्द ही ये कई शहरों में फैल गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। ईरानी प्रशासन ने गिरफ्तारियों, कार्रवाई और बल प्रयोग के जरिए हालात काबू में करने की कोशिश की है।
सरकार का रुख: विदेशी दखल का आरोप
ईरानी अधिकारियों ने अशांति के लिए दंगाइयों और विदेशी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि जायज आर्थिक शिकायतों को दूर किया जाएगा। ईरानी अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सख्ती से की जाएगी और इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज
स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
पोप लियो ने वेटिकन में शांति की अपील करते हुए कहा कि मध्य पूर्व, खासकर ईरान और सीरिया में जारी तनाव पर वे चिंतित हैं और संवाद व शांति को बढ़ावा देने की जरूरत है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने हिंसा रोकने और गलत तरीके से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की मांग की।
आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकएन्टी ने अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार के सम्मान पर जोर दिया।
इजराइल ने ईरानी लोगों के समर्थन की बात कही, जबकि आईडीएफ ने कहा कि वह हालात पर नज़र रखे हुए है और रक्षात्मक रूप से तैयार है।
जापान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के खिलाफ बल प्रयोग का विरोध किया।
अमेरिका की चेतावनी, सैन्य विकल्पों पर चर्चा
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हिंसक घटनाक्रम के बाद ईरान को लेकर सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और तेहरान को प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल के इस्तेमाल से आगाह किया गया है।
राष्ट्रपति पेजेशकियन की अपील
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नागरिकों से हिंसक अशांति से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और हिंसा में स्पष्ट अंतर है और सरकार का कर्तव्य है कि वह जायज चिंताओं को सुने, लेकिन समाज को बाधित करने वाली हिंसा को अनुमति नहीं दी जा सकती।
खामेनेई का पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ईरान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी न करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान में अशांति को बढ़ावा दे रहा है और अपने देश की समस्याओं को सुलझाने में विफल है।
ईरान में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और विरोध प्रदर्शन तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें घटनाक्रम पर टिकी हैं।












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