पंचकूला में राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री—अब 125 दिन की वैधानिक रोजगार गारंटी, हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ
चंडीगढ़, 18 जनवरी।। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक मजबूत और ऐतिहासिक पहल है। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उस गारंटी का प्रतीक है, जिसमें हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री रविवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित वीबी जी राम जी राज्य स्तरीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य गांवों और श्रमिकों के सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है। विकसित भारत की नींव गांवों से होकर गुजरती है और वीबी जी राम जी केवल रोजगार की योजना नहीं, बल्कि श्रमिकों के सम्मान, स्वाभिमान और जीवन स्तर को बेहतर बनाने का मिशन है।

उन्होंने बताया कि मनरेगा में समय के साथ आई खामियों को दूर करने के लिए ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ लाया गया है, जिसे विकसित भारत–जी राम जी कानून कहा जा रहा है। यह सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था का संपूर्ण आधुनिकीकरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही राज्यों को फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक काम रोकने का अधिकार दिया गया है, जिससे श्रमिकों को कुल मिलाकर अधिक कार्य दिवस मिलेंगे। इससे देशभर में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की औसत वार्षिक आय में 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी, जबकि हरियाणा में यह लाभ कम से कम 10 हजार रुपये तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में देश में सर्वाधिक 400 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी दी जा रही है, जिससे एक श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना के तहत अब 15 दिन की बजाय साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि मजदूरों को समय पर उनकी मजदूरी मिल सके। बायोमेट्रिक और जियो-टैगिंग जैसी व्यवस्थाओं से फर्जी मजदूर, फर्जी काम और फर्जी भुगतान पर पूरी तरह रोक लगेगी। साथ ही कार्यों की प्रकृति का विस्तार किया गया है, जिससे गांवों के विकास के अधिक कार्य होंगे और श्रमिकों को ज्यादा रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा को श्रमिकों की बजाय अपनी आजीविका का साधन बना लिया था। उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और ठेकेदारों का वर्चस्व बढ़ा। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2014 से अक्तूबर 2025 तक हरियाणा में श्रमिकों को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया, जबकि कांग्रेस के 10 वर्षों में यह आंकड़ा 2 हजार करोड़ रुपये से भी कम था।

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए वीबी जी राम जी योजना का विरोध कर रही है। पंजाब में मनरेगा भुगतान में भ्रष्टाचार सामने आने के बावजूद दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए श्रमिकों से संवाद भी किया। श्रमिकों ने योजना के तहत 125 दिन का रोजगार, 7 दिनों में भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया।
इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि ग्रामीण भारत को सशक्त किए बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। श्रमिक राष्ट्र निर्माण के असली सहभागी हैं और उनके हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और रेखा शर्मा, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, उपायुक्त सतपाल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त एवं डीआरडीए पंचकूला की सीईओ निशा यादव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, जिलाध्यक्ष अजय मित्तल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।











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